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धान में ब्लास्ट रोग प्रबंधन: नर्सरी में शुरुआती नियंत्रण से बचाएं पौध

धान में ब्लास्ट रोग प्रबंधन: नर्सरी में शुरुआती नियंत्रण से बचाएं पौध

05 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान में ब्लास्ट रोग प्रबंधन: नर्सरी में शुरुआती नियंत्रण से बचाएं पौध -

ब्लास्ट धान का एक गंभीर फफूंदजनित रोग है, जो सबसे पहले नर्सरी में दिखाई देता है। यदि शुरुआती अवस्था में इसका नियंत्रण नहीं किया जाए तो बाद में मुख्य खेत में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

आईसीएआर-सीआरआरआई के अनुसार किसानों को नर्सरी का नियमित निरीक्षण करना चाहिए ताकि रोग की पहचान शुरुआती अवस्था में हो सके।

यदि नर्सरी में ब्लास्ट के लक्षण दिखाई दें तो टेबुकोनाजोल 50% + ट्राइफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 25% डब्ल्यूजी अथवा आइसोप्रोथियोलैन 40 ईसी का अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। आवश्यकता पड़ने पर 7-10 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है।

स्वस्थ पौध तैयार करने के लिए नर्सरी में रोग की नियमित निगरानी और समय पर नियंत्रण सबसे प्रभावी उपाय माना गया है।



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