22 अगस्त 2026, डिंडोरी: डिंडोरी : बरसात में पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी - उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. आर.एम. भरमुदे ने पशुपालकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में पशुओं के स्वास्थय एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान पशुओं को कीचड़, मच्छरों, दूषित पानी और नमी के कारण विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पशुपालक पशुओं के रहने के स्थान को साफ, सूखा एवं ऊंचा रखें तथा वहां पानी जमा न होने दें।
उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी ने बताया कि पशुओं को गंदे अथवा रुके हुए पानी तथा सड़े-गले चारे से बचाएं। पर्याप्त स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करें। हरा चारा अधिक गीला होने पर कुछ समय सुखाने के बाद ही पशुओं को खिलाएं। चारे एवं दाने को नमी और फंगस से बचाने के लिए सूखी जगह पर सुरक्षित रखें। पशु आवास की नियमित साफ-सफाई करते रहें तथा मक्खियों और मच्छरों से बचाव के लिए फिनाइल अथवा चूने का छिड़काव करें।
डॉ. भरमुदे ने बताया कि बरसात से पहले पशुओं को ''गलघोंटू, खुरपका-मुंहपका'' सहित आवश्यक टीके अवश्य लगवाएं। पशुओं को साफ एवं सुरक्षित पानी पिलाएं, जिससे डायरिया और पेट के संक्रमण से बचाव हो सके। यदि घर में कुत्ता या बिल्ली जैसे पालतू पशु हैं, तो उनके बिस्तर को नियमित रूप से साफ कर धूप में सुखाएं। बारिश में बाहर घूमने के बाद कुत्ते-बिल्लियों के पंजों और शरीर को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं, ताकि फंगल संक्रमण से बचाव हो सके। उन्होंने पशुपालकों से कहा है कि पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार न करें, बल्कि तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क कर आवश्यक उपचार एवं दवाएं दिलाएं। पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतकर बरसात के मौसम में उन्हें बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।

