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ग्रीष्मकालीन जुताई: सही उपकरण, उपयोगिता और किन किसानों के लिए आवश्यक

ग्रीष्मकालीन जुताई: सही उपकरण, उपयोगिता और किन किसानों के लिए आवश्यक

21 मार्च2026, नई दिल्ली: ग्रीष्मकालीन जुताई: सही उपकरण, उपयोगिता और किन किसानों के लिए आवश्यक - ग्रीष्मकालीन जुताई कृषि की एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो खेत की मिट्टी को अगली फसल के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती है।

इस दौरान मिट्टी को पलटकर, ढीला कर तथा उसमें उपस्थित खरपतवारों और अवशेषों को नियंत्रित किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता, जलधारण क्षमता और वायु संचार में सुधार होता है। सही समय पर की गई ग्रीष्म जुताई न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होती है, बल्कि कीट एवं रोगों के नियंत्रण में भी मदद करती है।

ग्रीष्मकालीन जुताई हर किसान के लिए समान रूप से आवश्यक नहीं होती, बल्कि इसकी जरूरत खेत की स्थिति, मिट्टी की प्रकृति और पिछली फसल के आधार पर तय होती है। जिन किसानों के खेतों में कठोर परत (हार्ड पैन) बन गई है, अधिक खरपतवार की समस्या है या फसल अवशेष अधिक मात्रा में मौजूद हैं, उनके लिए ग्रीष्म जुताई अत्यंत आवश्यक है। वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों में यह जुताई मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ाकर नमी संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारी एवं कड़ी मिट्टी (जैसे काली और दोमट मिट्टी) में यह विशेष रूप से लाभकारी होती है, क्योंकि इससे मिट्टी की सख्ती टूटती है और जड़ों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनता है। वहीं, जिन खेतों की मिट्टी पहले से भुरभुरी और संतुलित है, वहां सीमित जुताई ही पर्याप्त हो सकती है।

ग्रीष्म जुताई के लिए विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिनका चयन मिट्टी की स्थिति और खेती की जरूरत के अनुसार किया जाता है।

एम बी प्लाऊ एक महत्वपूर्ण प्राथमिक जुताई का कृषि यंत्र है, जिसका उपयोग खेत की मिट्टी को पलटने के लिए किया जाता है। यह मिट्टी की ऊपरी परत को काटकर उसे उलट देता है, जिससे नीचे की मिट्टी ऊपर आ जाती है। इस यंत्र द्वारा की गई जुताई अन्य उपकरणों की तुलना में अधिक ऊर्जा मांगती है। एम बी प्लाऊ जानवरों, पावर टिलर और ट्रैक्टर द्वारा संचालित किया जा सकता है, जबकि आधुनिक प्रतिवर्ती (रिवर्सिबल) एम बी प्लाऊ आजकल अधिक प्रचलित है। इसकी कीमत लगभग ₹50,000 से ₹90,000 प्रति यूनिट होती है। इसके मुख्य भागों में शेयर (ठंडा कच्चा लोहा या स्टील), मोल्ड बोर्ड (उच्च कार्बन स्टील) और लैंडसाइड (मध्यम कार्बन स्टील) शामिल हैं। कार्य के दौरान यह चार प्रमुख क्रियाएँ करता है-फरो स्लाइस को काटना, उठाना, उलटना और चूरा करना।

डिस्क प्लाऊ का उपयोग गहरी जुताई के लिए किया जाता है, विशेषकर उन खेतों में जहां मिट्टी पथरीली, सूखी, कठोर या खरपतवार की जड़ों से प्रभावित होती है। यह उपकरण मिट्टी में फसल अवशेषों और खरपतवारों को अच्छी तरह मिलाता है, जिससे मिट्टी का कटाव कम होता है और यह अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उपयोगी साबित होता है। इसमें सामान्यतः 2 से 4 या अधिक डिस्क होती हैं, और इसकी कीमत ₹90,000 से ₹1,45,000 प्रति यूनिट तक होती है, जो डिस्क की संख्या पर निर्भर करती है। इसकी डिस्क उच्च कार्बन स्टील से बनी होती हैं।

सब सॉइलर का उपयोग उन खेतों में किया जाता है जहां लंबे समय से खेती नहीं हुई है या मिट्टी में कठोर परत बन गई है। यह गहरी जुताई करके मिट्टी की कठोरता को तोड़ता है और जड़ों के लिए बेहतर विकास का मार्ग बनाता है। इसकी संरचना में उच्च कार्बन स्टील से बना मजबूत बीम, सपोर्ट और शेयर बेस शामिल होता है। भारत में इसकी कीमत लगभग ₹50,000 से ₹1,00,000 प्रति यूनिट होती है। यह उपकरण विशेष रूप से जल निकास सुधारने और मिट्टी के संघनन को कम करने में सहायक है।

चीजल प्लाऊ एक ऐसा उपकरण है जो सीमित मिट्टी विघटन के साथ गहरी जुताई प्रदान करता है। इसका मुख्य कार्य मिट्टी को ढीला और हवादार बनाना है, जबकि फसल अवशेषों को मिट्टी की सतह पर ही बनाए रखना है। यह मिट्टी के संघनन को कम करने और हार्ड पैन को तोड़ने में मदद करता है। इसकी कीमत ₹45,000 से ₹65,000 प्रति यूनिट तक होती है। इसकी संरचना मजबूत लेकिन हल्की होती है, जो आमतौर पर 30-40 मिमी मोटे माइल्ड स्टील सेक्शन से बनी होती है।

अंततः, ग्रीष्मकालीन जुताई का सही उपयोग और उपयुक्त उपकरणों का चयन किसानों को बेहतर मिट्टी प्रबंधन, नमी संरक्षण और उच्च उत्पादन प्राप्त करने में मदद करता है। खेत की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यदि सही निर्णय लिया जाए, तो यह प्रक्रिया खेती की सफलता में एक महत्वपूर्ण आधार साबित हो सकती है।

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