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इथेनॉल नीति पर किसान नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात, बोले- लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, सरकार ने दिया भरोसा

इथेनॉल नीति पर किसान नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात, बोले- लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, सरकार ने दिया भरोसा

05 अगस्त 2026, नई दिल्ली: इथेनॉल नीति पर किसान नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात, बोले- लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, सरकार ने दिया भरोसा - ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (एआईकेसीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कृषि भवन में मुलाकात कर इथेनॉल नीति को लेकर किसानों का पक्ष रखा।

किसान नेताओं ने कहा कि इथेनॉल कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसकी नीति पूरी तरह किसान-केंद्रित होनी चाहिए और फसलों का उचित मूल्य सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने किसानों के सुझावों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया।

बैठक में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों के किसान नेता शामिल हुए। चर्चा के दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि वे इथेनॉल के विरोध में नहीं हैं, बल्कि इसका पूरा समर्थन करते हैं। हालांकि, उनका कहना था कि इथेनॉल कार्यक्रम का वास्तविक लाभ कंपनियों या बिचौलियों तक सीमित न रहकर सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए।

किसान नेताओं ने कहा कि यदि गन्ना, मक्का, चावल और अन्य फीडस्टॉक से इथेनॉल का उत्पादन बढ़ता है तो किसानों के लिए नए बाजार खुलेंगे। इससे फसलों के अधिक खरीदार मिलेंगे, भंडारण की समस्या कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार होंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इथेनॉल नीति ऐसी हो, जिससे हर फसल का उचित मूल्य किसानों को मिले। किसानों का कहना था कि इथेनॉल खेती के लिए नई संभावनाएं लेकर आए, न कि किसानों के लिए नई चुनौतियां। उन्होंने कहा कि वे इथेनॉल के साथ हैं, बशर्ते इथेनॉल नीति भी किसानों के हितों के साथ खड़ी हो।

बैठक के दौरान किसान नेताओं ने सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर इथेनॉल को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कहीं इसे वाहनों के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है तो कहीं किसानों के हितों के खिलाफ। ऐसे में कृषि मंत्रालय और किसान संगठनों को मिलकर तथ्य आधारित जानकारी किसानों और आम लोगों तक पहुंचानी चाहिए। साथ ही कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने और इथेनॉल के फायदों को रील्स, शॉर्ट वीडियो और गांव स्तर की बैठकों के माध्यम से प्रचारित करने का सुझाव भी दिया गया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि केंद्र सरकार इथेनॉल पर किसानों के विचारों को गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि "किसान हमारे लिए भगवान के समान हैं और कृषि भवन के दरवाजे किसानों के लिए हमेशा खुले हैं।"

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा इथेनॉल कार्यक्रम तैयार करना है, जिसका लाभ खेत से लेकर ईंधन की टंकी तक पूरी श्रृंखला को मिले, लेकिन सबसे बड़ा लाभ किसान को ही प्राप्त हो। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मक्का, चावल, गन्ना और अन्य फीडस्टॉक की कीमतों तथा मांग के संतुलन को ध्यान में रखते हुए नीति की समीक्षा की जाएगी और सभी निर्णय किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर लिए जाएंगे।

बैठक के अंत में एआईकेसीसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गांव-गांव जाकर इथेनॉल से जुड़े भ्रम को दूर करने और तथ्य आधारित जानकारी किसानों तक पहुंचाने का काम करेंगे, ताकि किसान इस नीति से अधिकतम लाभ उठा सकें।



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