08 मई2026, विदिशा: मध्यप्रदेश: खरीफ सीजन से पहले विदिशा जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक, किसानों को ई-पोर्टल से मिलेगी सुविधा - खरीफ फसलों की बोनी की तैयारी हेतु प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
वर्तमान स्थिति में लगभग 6.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.57 लाख मेट्रिक टन डीएपी, 3.56 लाख मेट्रिक टन एनपीके इस प्रकार 5.13 लाख मेट्रिक टन डीएपी प्लस एनपीके तथा 3.50 लाख मेट्रिक टन एसएसपी खाद उपलब्ध है।
विषम वैश्विक परिस्थितियों के उपरांत भी भारत सरकार द्वारा प्रदेश में उर्वरको की आपूर्ति निर्बाध तथा तय कार्यक्रम अनुसार निरंतर की जा रही है। प्रदेश में उक्त उपलब्ध खाद सोसायटीवार, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रवार, निजी दुकानवार ई-विकास पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान भाइयो से अनुरोध है कि वह अपनी आवश्यकतानुसार खाद अपनी सोसायटी या मन पसंद दुकान से ई-विकास पोर्टल के माध्यम से बुकिंग कर अपने खाद का उठाव सकते हैं।
ई-विकास प्रणाली में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम किसान, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिसान को, धार्मिक संस्थान/ट्रस्ट, आदि की जमीन के लिए खाद उपलब्ध कराने हेतु सुविधा दी गयी है। किसानो को खरीफ की फसलो की बोनी हेतु फसलो की अनुशंसित खाद की मात्रा अनुसार यूरिया, एसएसपी, एनपीके, डीएपी, पोटाश खाद की पूर्ण मात्रा को एक बार में ही उठा सकता है। यदि किसान चाहे तो पुन: पोर्टल पर प्रक्रिया का पालन कर अपनी मर्जी अनुसार खाद बुक कर अपनी सुविधानुसार उठा सकते हैं।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े - गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें - घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture
08 मई 2026, नई दिल्ली: देशभर में गौसॉर्ट तकनीक से बढ़ रही है मादा बछड़ों की संख्या, डेयरी क्षेत्र में आ रहा बड़ा बदलाव - देशभर में गौसॉर्ट नामक स्वदेशी लिंग चयन वीर्य तकनीक के उपयोग से मादा बछड़ों के जन्म में
08 मई 2026, त्रिशूर, केरल: केएयू और वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के बीच कृषि यंत्रीकरण अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु समझौता - केरल कृषि विश्वविद्यालय (केएयू) ने भारत की अग्रणी ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रीकरण उपकरण निर्माता कंपनी वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के

