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रायपुर: सह्याद्री फार्म्स मॉडल से सीखकर जशपुर में बनेगा आधुनिक इंटीग्रेटेड पैक हाउस, किसानों की बढ़ेगी आय

रायपुर: सह्याद्री फार्म्स मॉडल से सीखकर जशपुर में बनेगा आधुनिक इंटीग्रेटेड पैक हाउस, किसानों की बढ़ेगी आय

05 अगस्त 2026, रायपुर: रायपुर: सह्याद्री फार्म्स मॉडल से सीखकर जशपुर में बनेगा आधुनिक इंटीग्रेटेड पैक हाउस, किसानों की बढ़ेगी आय - छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में कृषि को मूल्य संवर्धन आधारित व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।

इसी क्रम में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और जिले के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित सह्याद्री फार्म्स का अध्ययन एवं प्रशिक्षण भ्रमण किया। इस अध्ययन का उद्देश्य बगीचा विकासखंड के शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस के प्रभावी संचालन के लिए देश के अग्रणी किसान-स्वामित्व वाले कृषि एवं प्रसंस्करण मॉडल को समझना था।

अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के सफल एफपीओ मॉडल, आधुनिक कृषि प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात प्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया। अधिकारियों ने जाना कि संगठित किसान मॉडल के जरिए उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला विकसित कर किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है।

टीम ने अंगूर, अनार सहित विभिन्न उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के खेतों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान ड्रिप सिंचाई, वैज्ञानिक खेती, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और निर्यातोन्मुख उत्पादन प्रणाली की आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया। विशेषज्ञों ने वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी भी साझा की।

प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के अत्याधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन प्लांट का भी दौरा किया। यहां अंगूर, अनार, केला, आम, स्वीट कॉर्न और टमाटर जैसे उत्पादों की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, धुलाई, पल्प निर्माण, एसेप्टिक पैकेजिंग, कोल्ड चेन, फ्रोजन स्टोरेज और निर्यात पैकेजिंग की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों ने समझा कि कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

जिला प्रशासन के अनुसार, शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस को किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और कृषि उद्यमियों के लिए आधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, पैकेजिंग, संरक्षण और प्रसंस्करण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही टमाटर, आम, नाशपाती, कटहल, लीची और खीरा सहित विभिन्न कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

प्रस्तावित परियोजना से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और एफपीओ को बड़े खरीदारों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों तथा निर्यात बाजारों से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही यह केंद्र कृषि आधारित उद्यमिता, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क, प्रशिक्षण और क्षमता विकास का प्रमुख केंद्र भी बनेगा।

जिला प्रशासन ने बताया कि सह्याद्री फार्म्स के अध्ययन से प्राप्त अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को शहीदांड के इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से एफपीओ सशक्तिकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और किसानों के लिए दीर्घकालिक हैंडहोल्डिंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल जशपुर के आदिवासी किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने के साथ जिले में कृषि को मूल्य संवर्धन आधारित एग्री-बिजनेस के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।



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