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सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण और आधुनिक तकनीक से खेती बनेगी अधिक लाभकारी -सीएम साय

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण और आधुनिक तकनीक से खेती बनेगी अधिक लाभकारी -सीएम साय

05 अगस्त 2026, रायपुर: सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण और आधुनिक तकनीक से खेती बनेगी अधिक लाभकारी -सीएम साय - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन का आधार है।

राज्य सरकार कृषि को अधिक लाभकारी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग, कृषि यंत्रीकरण और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह बातें राजधानी रायपुर में आयोजित 'किसान और किसानी-प्रोत्साहन तथा परिणाम' विषयक संवाद कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान परिवार से होने के कारण उन्होंने खेती की चुनौतियों को करीब से देखा और समझा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद किसानों से किए गए वादों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी कर रही है। इसके साथ ही पूर्व में लंबित दो वर्षों के बोनस का भुगतान भी किसानों को किया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले खरीफ विपणन सीजन में प्रदेश के लगभग 25 लाख किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल धान पर आधारित खेती के बजाय किसानों को दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी, सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में सिंचाई सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए राज्य सरकार नई सिंचाई परियोजनाओं, बैराज, एनीकट और नहर विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है। किसानों को सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बस्तर की इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बैराज का निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों के लिए भी लगभग 2,800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की महिलाएं 'ड्रोन दीदी' बनकर नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं और आधुनिक कृषि तकनीकों के जरिए बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कई शिक्षित युवा भी आधुनिक खेती और कृषि आधारित उद्यमों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो कृषि क्षेत्र में बढ़ते विश्वास का संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना, उत्पादन लागत कम करना और खेती के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सके।



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