04 जुलाई2026, नई दिल्ली: UPL की कार्रवाई, किसानों को नकली उत्पादों से सतर्क रहने की सलाह - फसल सुरक्षा कंपनी UPL ने अपने पेटेंट प्राप्त खरपतवारनाशकों ट्रिसकेल (Triskele) और त्रिशुक (Trishuk) से मिलते-जुलते बताए जा रहे उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
कंपनी ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में की गई छापेमारी के बाद कहा है कि उसके बौद्धिक संपदा (पेटेंट) अधिकारों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों के निर्माण, वितरण और बिक्री में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी के अनुसार बाजार में कुछ ऐसे खरपतवारनाशक उपलब्ध हैं जिनकी ब्रांडिंग और पैकेजिंग ट्रिसकेल और त्रिशुक से काफी मिलती-जुलती है। कंपनी का कहना है कि इन उत्पादों को कम कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे किसानों के भ्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है।
UPL ने बताया कि प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से मई और जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और सिकंदराबाद, हरियाणा के करनाल तथा पंजाब के डेरा बस्सी स्थित कुछ विनिर्माण इकाइयों पर छापेमारी की गई। कंपनी के अनुसार इस दौरान अधिकारियों ने सामग्री जब्त की और वितरण नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। मामले की जांच जारी है तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी ने दावा किया है कि बाजार में Trish, Trishaan, Trishool, Trisum, Twinkle, Agniveer, Trikal, Tridev, PCL Prahar, XYZ और Kamtris जैसे कुछ ब्रांड उपलब्ध हैं, जिनकी पैकेजिंग और नाम उसके उत्पादों से मिलते-जुलते हैं।
UPL ने बताया कि 2,4-D सोडियम साल्ट 44% + मेट्रिब्यूजिन 35% + पाइराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 1.0% WDG फॉर्मूलेशन पर उसका पेटेंट है। कंपनी का कहना है कि इस फॉर्मूलेशन से संबंधित उसके अधिकारों का उल्लंघन करने वाले या ऐसा प्रतीत होने वाले उत्पादों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
कंपनी ने किसानों और कृषि आदान विक्रेताओं से खरपतवारनाशक खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। UPL के अनुसार उत्पाद खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग, निर्माता का नाम, बैच नंबर, निर्माण एवं समाप्ति तिथि सहित अन्य विवरणों की जांच करनी चाहिए। कंपनी ने यह भी कहा कि असामान्य रूप से कम कीमत पर मिलने वाले उत्पादों से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे उत्पाद फसल की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।
UPL के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उसके पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों के निर्माण, बिक्री या वितरण में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कंपनी ने यह भी दोहराया कि किसानों को जागरूक बनाना और कृषि आदानों की आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
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