Chaitra Purnima Vrat 2026: सनातन धर्म में चैत्र पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस दिन भगवान विष्णु, चंद्रदेव, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है।
हालांकि इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा व्रत की तिथि को लेकर लोगों में काफी भ्रम बना हुआ है। कोई इसे 1 अप्रैल तो कोई 2 अप्रैल बता रहा है। ऐसे में आइए पंचांग के अनुसार जानते हैं सही तिथि और शुभ मुहूर्त।
चैत्र पूर्णिमा व्रत कब रखा जाएगा? पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैत्र पूर्णिमा व्रत 1 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। इस दिन पूरे दिन पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए व्रत इसी दिन करना शुभ माना गया है। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 06:11 बजे रहेगा, जो पूजा के लिए विशेष महत्वपूर्ण है।
चैत्र पूर्णिमा मुहूर्त 2026 लाभ (उन्नति): 06:11 AM से 07:45 AM अमृत (सर्वोत्तम): 07:45 AM से 09:18 AM शुभ (उत्तम): 10:52 AM से 12:25 PM लाभ (उन्नति): 05:05 PM से 06:39 PM शुभ (उत्तम): 08:05 PM से 09:32 PM
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त चैत्र पूर्णिमा पर स्नान-दान का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में स्नान-दान का शुभ मुहूर्त 2 अप्रैल 2026 को मिलेगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि सुबह 07:41 बजे तक रहेगी। इसलिए इस समय से पहले स्नान और दान संबंधी कार्य करना अधिक शुभ रहेगा।
चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि प्रातःकाल किसी पवित्र नदी में स्नान करें, संभव न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें। व्रत और पूजा का संकल्प लें। कलश स्थापना कर भगवान गणेश का पूजन करें। भगवान शिव और माता पार्वती की षोडशोपचार विधि से पूजा करें। भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा भी करें। शाम को चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित करें। पूर्णिमा व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें।
धार्मिक महत्व चैत्र पूर्णिमा का व्रत करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है। यह दिन विशेष रूप से दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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