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Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा के दौरान इस बार स्थानीय महिला समूह श्रद्धालुओं के लिए एक नई पहल करने जा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर आने वाले भक्तों को अब स्थानीय स्तर पर उगाए गए फूलों के साथ-साथ शुद्ध पहाड़ी शहद भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे एक ओर जहां महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को ताजे और स्थानीय उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे।
दरअसल, कुछ वर्ष पहले महिला समूहों ने श्रद्धालुओं के लिए पंच बदरी प्रसाद तैयार करने की शुरुआत की थी। इस पहल से महिलाओं को हर साल अच्छी आय प्राप्त हो रही है। इसी सफलता को देखते हुए अब यात्रा सीजन में फूलों और स्थानीय शहद की आपूर्ति का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए महिलाओं ने अपने खेतों में गेंदा, गुलाब और तुलसी जैसे फूलों की खेती शुरू कर दी है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में उत्पादित शुद्ध शहद को भी यात्रियों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
ब्लॉक स्तर पर महिला समूहों के साथ इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। खंड विकास अधिकारी मोहन जोशी के अनुसार पंच बदरी प्रसाद की सफलता के बाद अब महिला समूह चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को फूल और शहद भी उपलब्ध कराएंगे। तपोभूमि क्लस्टर प्रसाद तैयार करने का कार्य देख रहा है, जबकि योगध्यान बदरी क्लस्टर फूलों की खेती से जुड़ा हुआ है। इस मिशन में अलग-अलग महिला समूहों से जुड़ी करीब 2500 महिलाएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद खासतौर पर बदरीनाथ धाम में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है। कई बार मंदिरों के लिए बाहर से फूल मंगवाने पड़ते हैं। ऐसे में स्थानीय महिलाओं की यह पहल न केवल उनके लिए आय का बेहतर साधन बनेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी यहीं उगाए गए ताजे फूल आसानी से मिल सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर भी मिलेगा।
