London : ब्रिटेन में होने जा रहे होर्मुज समिट को लेकर एक अहम खबर आयी है. होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही को लेकर ब्रिटिश पीएम ने समिट बुलाया है. इसमें दुनिया के 35 बड़े देश शामिल हो रहे हैं.
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे.
खबर है कि ब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर ने भारत को भी इसमें शामिल होने का न्योता दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी है कि इस समिट में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी वर्चुअली शामिल होंगे.
मामला यह है कि युद्ध शुरू होने के कुछ ही दिन बाद ईरान की सेना (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया है. इस कारण भारत, चीन, जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया आदि देशों की पेट्रोल-डीजल सप्लाई में बाधा पहुंची है.
समस्या बढती देख होर्मुज मार्ग को खुलवाने के लिए ब्रिटिश पीएम ने पहल की है. यह समिट उस समय आयोजित की जा रही है,, जब दुनिया के अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट ठप सा पड़ा है. इस कारण सैकड़ों जहाज फंस गये हैं.
कहा गया है कि होर्मुज समिट डिप्लोमैटिक-मैरिटाइम कोऑर्डिनेशन प्लेटफॉर्म है. इसमें 30-35 देश मिलकर रणनीति बनायेंगे.
इसमें होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते बिना किसी बाधा के जहाजों की आवाजाही बहाल करने, रास्ते में फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ग्लोबल तेल-गैस सप्लाई चेन को फिर से चालू करने पर मंथन होगा.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को किसी सैन्य अभियान द्वारा फिर से खोलना हकीकत से परे है.
मैक्रों ने दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप का नाम लिये बिना उन पर निशाना साधा. कहा, कुछ लोग होर्मुज स्ट्रेट को बलपूर्वक फिर से खोलने के विचार के समर्थन में हैं.
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