Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
रक्षा बंधन पर घर नहीं पहुंच सकी कांता और गीता, त्योहार पर संभालती रही ट्रैफिक व्यवस्था

रक्षा बंधन पर घर नहीं पहुंच सकी कांता और गीता, त्योहार पर संभालती रही ट्रैफिक व्यवस्था

Lagatar 1 week ago

Ranchi News : आज घर-घर में रक्षा बंधन का उल्लास है. बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं. माथे पर तिलक लगा रही हैं. आरती उतार रही हैं और मिठाई खिलाकर भाई की लंबी उम्र की कामना कर रही हैं.

लेकिन कई बहनें ट्रैफिक पोस्ट किशोर गंज चौक, राजभवन, एसएसपी आवास समेत अन्य चौक चौराहों के सामने ड्यूटी पर तैनात हैं.

इस बार का रक्षा बंधन कुछ अलग है. उनके हाथ में राखी नहीं है और सामने भाई की कलाई भी नहीं. करीब एक साल से ट्रैफिक के सामने ड्यूटी कर रहीं कांता, गीता पहली बार रक्षा बंधन पर अपने घर नहीं पहुंच पाईं. भाई की कलाई पर राखी बांधने की कसक उन्हें लगातार महसूस हो रही है.

कांता बताती हैं कि रक्षा बंधन आते ही घर की याद और भी गहरी हो गई है. मन करता है कि भाई के पास पहुंचें, उसके हाथ में राखी बांधें, तिलक लगाएं और मिठाई खिलाएं. लेकिन ड्यूटी की जिम्मेदारी उन्हें रोक रही है.


घर में बहनें राखी बांध रहीं, कांता ड्यूटी निभा रहीं

कांता कहती हैं कि छुट्टी लेने का मौका नहीं मिल पाया. पोस्ट पर जवानों की संख्या भी कम है. ऐसे में ड्यूटी छोड़कर घर जाना संभव नहीं है. लोगों की सुरक्षा और सेवा की जिम्मेदारी भी निभानी है.

उनके लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं, जिम्मेदारी है. इसलिए मन में घर की याद और भाई की कलाई पर राखी बांधने की इच्छा होने के बावजूद वे अपनी ड्यूटी पर डटी हैं.


घर की याद तो आ रही है, लेकिन ड्यूटी भी है जरूरी

ट्रेफिक पोस्ट पर तैनात गीता कुमारी ने बताई कि रक्षा बंधन के दिन जब दूसरी बहनें अपने भाइयों के साथ त्योहार मना रही हैं, उसी समय गीता ट्रैफिक पोस्ट के सामने तैनात हैं. आसपास से गुजरते लोगों को देखकर शायद उन्हें अपना घर और भाई की याद आती होगी. उन्होंने बताई कि दो भाई और तीन बहनें हैं, लेकिन अफसोस है कि दोनों भाई अलग-अलग स्थानों पर है.

इसलिए भाईयों को राखी नहीं बांध पा रही है. इसके एवज में बेटी को हॉस्टल से अपने साथ ले जाकर गुमला जाएंगे. वही भाइयों के बेटों को राखी बांधवाएंगी और उनके जीवन की खुशहाली का कामना करेंगी. गीता के लिए इस बार राखी की सबसे बड़ी कमी यही है कि भाई की कलाई उनके हाथ का इंतजार कर रही होगी और बहन ड्यूटी के कारण वहां नहीं पहुंच सकी.

राखी बांधने की यह छोटी-सी रस्म उनके लिए महज परंपरा नहीं, भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं से जुड़ी है. इसलिए इस बार रक्षा बंधन पर ड्यूटी निभाते हुए भी उनके मन में घर और भाई की याद लगातार बनी हुई है. टैफिक पुलिस पर तैनात उन सभी महिलाओं की कहानी उन तमाम बहनों की कहानी है, जो त्योहार के दिन भी अपने घर-परिवार से दूर रहकर जिम्मेदारी निभाती हैं. उनके हाथ भले ही आज भाई की कलाई तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन फर्ज निभाने का उनका जज्बा जरूर लोगों तक पहुंच रहा है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Lagatar