Ranchi: रांची को झारखंड का प्रमुख 'पर्यटन हब' बनाने के लिए सोमवार को जिला पर्यटन संवर्धन परिषद् की वार्षिक बैठक अहम फैसले लिए गए. यह बैठक उपायुक्त सह परिषद् अध्यक्ष मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि पर्यटन स्थलों के समग्र विकास किए जायेंगे.
साथ ही इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जायेंगे और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा.
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सौर ऊर्जा से संचालित लाइटें लगाई जाएंग. जिससे रात में भी पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव हो सकेगा. इसके साथ ही साथ हर स्थल पर सूचना पट्ट लगाए जाएंगे. जिनमें पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं की नम्बर और जानकारी उपलब्ध होगी.
मारशली पहाड़ को नए पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में हाई मास्ट लाइट लगाने और विस्तृत योजना तैयार करने की अनुशंसा की गई. वहीं, प्रसिद्ध देवड़ी मंदिर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को बेहतर सुविधा मिल सके.
बैठक में दशम, हुंडरू, जोन्हा जलप्रपात, टैगोर हिल और रॉक गार्डन जैसे प्रमुख स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा को और मजबूत करने पर सहमति बनी. इसके अलावा, पर्यटन से जुड़े प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक जांच समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि सभी योजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रांची को झरनों का शहर के रूप में राष्ट्रीय पहचान दिलाने और पर्यटन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन लगातार कोशिश में जुटा हैं.
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