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Saraikela News :  वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियां फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Saraikela News : वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियां फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Lagatar 2 weeks ago

Saraikela : जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र स्थित वात्सल्य बालिका गृह से मंगलवार देर रात दो नाबालिग लड़कियां फरार हो गई हैं. इनमें से एक जमशेदपुर के पटमदा थाना क्षेत्र की रहने वाली है.

जबकि दूसरी सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. वहीं जन सहभागी विकास केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात दोनों नाबालिग अचानक बालिका गृह से गायब हो गईं. घटना की जानकारी मिलते ही बालिका गृह प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी. इस मामले में सीडब्ल्यूसी अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने गम्हरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है.

पुलिस आसपास के इलाकों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में तलाश अभियान चला रही है. साथ ही बालिका गृह प्रबंधन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है.

घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने जन सहभागी विकास केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि जिन बच्चियों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी संस्था पर होती है, वहां से दो नाबालिग लड़कियों का फरार हो जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालिका गृह में निगरानी व्यवस्था कमजोर थी, जिसका फायदा उठाकर दोनों नाबालिग बाहर निकलने में सफल रहीं.

गौरतलब है कि बीते 15 अप्रैल को ही उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने वात्सल्य बालिका गृह का उद्घाटन किया गया था. उद्घाटन के डेढ़ महीने के भीतर ही इस प्रकार की घटना सामने आने से संस्था की तैयारियों और संचालन क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं.

नियमों के अनुसार, किसी भी बालिका गृह में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, महिला कर्मियों की निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, नियमित उपस्थिति जांच और बच्चों की काउंसिलिंग अनिवार्य मानी जाती है. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या संस्था द्वारा इन मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बालिका गृह में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत होती तो इस प्रकार की घटना नहीं होती. वहीं घटना के बाद संस्था और संबंधित अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं. यहां तक कि प्राथमिकी दर्ज कराने वाले सीडब्ल्यूसी अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने भी मीडिया के सवालों पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोनों नाबालिग लड़कियों की तलाश जारी है.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Lagatar