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'बहुत समय बाद खुलकर बात की..', सोनम वांगचुक की रिहाई के बाद पत्नी गीतांजलि का पहला रिएक्शन, शेयर किया पोस्ट

'बहुत समय बाद खुलकर बात की..', सोनम वांगचुक की रिहाई के बाद पत्नी गीतांजलि का पहला रिएक्शन, शेयर किया पोस्ट

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था।

रिहाई के एक दिन बाद वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि जे. अंगमो ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने जेल में महीनों तक सीमित मुलाकातों के बाद हुई अपनी पहली सुकून भरी बातचीत का जिक्र किया।

तस्वीरें शेयर करते हुए गीतांजलि अंगमो ने एक्स पर लिखा, 'बहुत समय बाद खुलकर बातचीत करने का मौका मिला। बार-बार घड़ी की ओर देखे बिना, जेल में बिताए उन 60 मिनटों का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। पारिवारिक डॉक्टर की सलाह पर उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए ले जा रहे हैं। उन्हें एक अच्छे अस्पताल में 36 घंटे तक मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा!'

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शनिवार को सोनम वांगचुक को रिहा किया गया

केंद्र सरकार के आदेश के बाद शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे वांगचुक को जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई की सभी औपचारिकताएं उनकी पत्नी ने पूरी कीं, जो इस प्रक्रिया के लिए जोधपुर आई थीं। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा, 'मुझे खुशी है कि भारत सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत सोनम वांगचुक की रिहाई को अधिसूचित कर दिया है। सोनम को 26 सितंबर को लद्दाख में हिरासत में लिया गया था। सोनम के कार्यों को गलत समझा गया था। वह जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियरों के प्रतीक हैं। एक सच्चे राष्ट्रवादी।'

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लेह में हुए थे विरोध-प्रदर्शन

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 26 सितंबर 2025 को वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। ये विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। इसमें 22 पुलिसकर्मियों सहित 45 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

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जोधपुर सेंट्रल जेल में थे सोनम वांगचुक

लद्दाख के एक इंजीनियर, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक वांगचुक को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने जा रहे थे, बाद में उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि उनकी हिरासत रद्द करने का फैसला लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने और सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक बातचीत को संभव बनाने के लिए लिया गया है। सरकार ने इस क्षेत्र के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

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16 मार्च को लद्दाख के लोग सड़कों पर क्यों उतरेंगे

केंद्र सरकार ने शनिवार को क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत हिरासत खत्म कर दी, इसके बावजूद 16 मार्च को पूरे लद्दाख में होने वाले विरोध प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे। 13 मार्च को कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने घोषणा की थी कि लद्दाख के लोग फिर से सड़कों पर उतरेंगे, क्योंकि गृह मंत्रालय (MHA) केंद्र शासित प्रदेश द्वारा मांगी गई गारंटियों को देने में देरी कर रहा है।'

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