Khalilur Rahman India Visit: मोहम्मद युनुस के शासनकाल में भारत विरोधी गतिविधियों के कारण भारत-बांग्लादेश के रिश्ते (India-Bangladesh relations) में कड़वाहत आ गई थी। हालांकि बांग्लादेश तारिक रहमान (Tarique Rahman) की सरकार सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से जो दूरियां आ गई थीं, वो अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही हैं।
इसी का नतीजा है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान तीन दिन के दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। 18 महीने के तनाव के बाद किसी बांग्लादेश राजनयिक की यह पहली बड़ी यात्रा है। विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) के साथ डिनर किया, जिसमें दोनों देशों के संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई।
इससे पहले दिल्ली पहुंचने पर खलीलुर रहमान का स्वागत भी काफी उत्साह से किया गया। डोभाल के साथ इस डिनर टेबल पर केवल खाना ही नहीं था, बल्कि दोनों देशों के बीच दोस्ती को एक नई शुरुआत देने पर लंबी चर्चा भी हुई। भले ही अभी तक मीटिंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि दोनों तरफ से रिश्तों को नई रफ्तार देने की पूरी तैयारी है।
आज यानी बुधवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विस्तार में बात करेंगे। इस मीटिंग का सबसे बड़ा एजेंडा है, रिश्तों में सुधार और भरोसे को दोबारा कायम करना। इसके अलावा गंगा जल संधि, जो इसी साल खत्म हो रही है, उसे आगे बढ़ाने पर भी बात हो सकती है। साथ ही व्यापार और डीजल-पेट्रोल की सप्लाई जैसे मुद्दे पर भी बात हो सकती है। बांग्लादेश चाहता है कि भारत उसे अतिरिक्त ईंधन दे और भारतीयों के लिए वीजा नियमों में थोड़ी ढील दी जाए ताकि व्यापारी और लोग आसानी से आ-जा सकें।
एक और बड़ा मुद्दा जो अक्सर चर्चा में रहता है, वो है पूर्व पीएम शेख हसीना का. शेख हसीना पिछले साल अगस्त से ही भारत में रह रही हैं और बांग्लादेश की नई सरकार उनके प्रत्यर्पण (वापस बुलाने) की मांग कर रही है। हालांकि, अब तक भारत ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। खास बात यह है कि अब हसीना की तरफ से कोई भी राजनीतिक बयान सामने नहीं आ रहा है, जिसे एक तालमेल बिठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सबसे सकारात्मक बात यह है कि खलीलुर रहमान के भारत आने से ठीक पहले पीएम तारिक रहमान ने अपने इलाके के पांच मंदिरों के लिए 6.5 करोड़ टका देने का ऐलान किया है।
बता दें कि अगस्त 2024 में जब शेख हसीना की सरकार गिरी थी और उसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार आई, तब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे। हालांकि अब हालात बदल रहे हैं. जब तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो भारत की तरफ से भी बड़े नेता वहां पहुंचे थे। अब उसी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए खलीलुर रहमान दिल्ली पहुंचे हैं।
भारतीय उच्चायुक्त PM तारिक रहमान से मिले
इसी से जुड़े एक और मामले में, सोमवार को बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने खास क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव और सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मीटिंग के दौरान, वर्मा ने साझा हित और आपसी फायदे पर आधारित 'सकारात्मक, कंस्ट्रक्टिव और आगे की सोच वाले नजरिए' के जरिए संबंधों को गहरा करने की भारत की इच्छा जाहिर की।

