देशकेपहलेहाई-स्पीडरीजनलरैपिडट्रांजिटसिस्टम'नमोभारत' (Namo Bharat RRTS) कॉरिडोरकीसुरक्षाअबऔपचारिकरूपसेकेंद्रीयऔद्योगिकसुरक्षाबल (CISF) कोसौंपदीगईहै।मंगलवारकोन्यूअशोकनगरमेंआयोजितएक विशेष समारोह के दौरान यह जिम्मेदारी CISF को ट्रांसफर की गई।
यहकार्यक्रमपूरेकॉरिडोरमेंCISF कीपूर्णतैनातीकीशुरुआतकाप्रतीकमानाजारहाहै।इसकेसाथही'नमोभारत'कॉरिडोरअबएयरपोर्टऔरमेट्रोजैसीहाई-लेवलसुरक्षाव्यवस्थाकेदायरेमेंआगयाहै।अधिकारियोंकेअनुसार, CISF केजिम्मासंभालनेसेयात्रियोंकीसुरक्षा, निगरानीऔरआपातकालीनप्रतिक्रियाप्रणालीकोऔरमजबूतकियाजाएगा।हाई-स्पीडऔरअत्याधुनिकइसट्रांजिटसिस्टमकेलिएस्मार्टसर्विलांस, तकनीक-आधारितसुरक्षाऔरबेहतरसमन्वयपरविशेषध्यानदियाजाएगा।
इस फैसले से यात्रियों को एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा, जिससे NCR में सफर और अधिक भरोसेमंद बनने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस संबंध में सबसे पहले 16 फरवरी को नवभारत टाइम्स (NBT) ने खबर प्रकाशित कर जानकारी दी थी कि दिल्ली के 'नमो भारत' स्टेशनों की सुरक्षा CISF को सौंपी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान NCRTC के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर सुरक्षा की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से हस्तांतरित की। इस मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था, समन्वय और संचालन से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
RRTS स्टेशनोंतककियासफर
दिल्ली के RRTS नेटवर्क की सुरक्षा संभालने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने हाई-स्पीड ट्रांजिट सिस्टम के लिए उन्नत और तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया है। CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि जैसे-जैसे परिवहन प्रणालियां तेज और आपस में जुड़ती जा रही हैं, सुरक्षा का दृष्टिकोण भी उसी स्तर का आधुनिक और एकीकृत होना चाहिए। उन्होंने 'नमो भारत' जैसे अत्याधुनिक और हाई-स्पीड सिस्टम के लिए स्मार्ट निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और बेहतर समन्वय को बेहद जरूरी बताया। प्रवीर रंजन के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बेहद अहम है।
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इस अवसर पर CISF के महानिदेशक, NCRTC के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने 'नमो भारत' ट्रेन में ट्रायल यात्रा भी की। यह यात्रा न्यू अशोक नगर से आनंद विहार और फिर आनंद विहार से सराय काले खां RRTS स्टेशनों तक की गई। इस ट्रायल के जरिए सुरक्षा व्यवस्थाओं, समन्वय तंत्र और यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारों पर भी चर्चा की।
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251 CISF जवानों की तैनाती
गृह मंत्रालय (MHA) की मंजूरी के बाद दिल्ली के रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) नेटवर्क की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) संभालेगा। इस महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुल 251 CISF जवानों की तैनाती को स्वीकृति दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, CISF राजधानी दिल्ली के तीन प्रमुख RRTS स्टेशनों आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और सराय काले खां की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी। इन स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा, निगरानी और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। वहीं, दिल्ली से बाहर उत्तर प्रदेश में आने वाले RRTS स्टेशनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSISF) को सौंपी गई है। इस तरह पूरे कॉरिडोर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और सुव्यवस्थित बनाने के लिए दो एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी बांटी गई है।

