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गृह निर्माण ऋण गबन मामला : सहकारी आवास संघ भोपाल का तत्कालीन मैनेजर गिरफ्तार, 7 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में भेजा गया

गृह निर्माण ऋण गबन मामला : सहकारी आवास संघ भोपाल का तत्कालीन मैनेजर गिरफ्तार, 7 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में भेजा गया

CG ACB Action : रायपुर. 26 साल पुराने गृह निर्माण ऋण घोटाले में सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक को आज एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है. वर्ष 2000 में दर्ज अपराध में पूर्व में 18 मार्च को दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

आज तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को भी गिरफ्तार किया गया है. उन्हें सात अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड में लिया गया है.

आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के 186 सदस्यों के नाम पर एक- एक लाख रुपए,कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपए का गृह निर्माण ऋण स्वीकृत करवाया गया है. प्रकरण की जांच में पता चला कि भौतिक सत्यापन में ऋण अभिलेखों में दर्शाए गए स्थलों पर ना तो मकान निर्मित पाया गया और ना ही संबंधित ऋणधारी वहां मिले. जांच में कूटरचित दस्तावेजों,फर्जी प्रमाण पत्रों तथा आपराधिक षड्यंत्र के माध्यम से ऋण राशि के गबन किए जाने के तथ्य सामने आए. जिस पर ब्यूरो में विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज हुआ.

क्या है पूरा मामला ?

ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 19/2000, धारा 120बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 भादवि तथा धारा 13 (1) (सी), 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि वर्ष 1995 से 1998 के बीच शासन की सरकारी आवासीय योजना के अंतर्गत जरूरतमंद व्यक्तियों को मकान निर्माण हेतु ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी.

जांच में पाया गया कि 'आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर' के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी, 'सहकारी आवास संघ मर्यादित रायपुर' के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू एवं 'सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल' के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर आपस में मिलकर योजनाबद्ध तरीके से सहकारी आवास संघ के पैसे का बंटरबाट किया और प्रदीप कुमार निखरा द्वारा पद का दुरूपयोग कर कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी लोन तैयार कर लाखों रूपये प्राप्त किया गया.

आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आवास संघ से गृह निर्माण के नाम पर धोखाधड़ी से ऋण स्वीकृत कराया. इसके बाद करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपये की राशि का बंदरबांट कर आपस में बांट लिया.

आज चार अप्रैल को प्रकरण में सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को गिरफ्तार किया गया. कोर्ट ने पेशी के बाद गिरफ्तार आरोपी को सात अप्रैल तक पुलिस रिमाण्ड भेज दिया है.

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