रोहतक। हरियाणा के 19 जिलों में शनिवार को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा यानी एचटीईटी का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा दोपहर बाद 3 बजे शुरू हुई जो शाम 5 बजकर 30 मिनट तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर ही शुरू कर दी गई थी।
इस बार परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन बनाने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े नियम लागू किए हैं। इन सख्त नियमों के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाक का कोका, कुंडल और हाथ का कलावा तक उतरवाया
विभिन्न जिलों से आई तस्वीरों और खबरों के मुताबिक चेकिंग के नाम पर केंद्रों पर सुरक्षाकर्मी बेहद सख्त नजर आए। झज्जर में अभ्यर्थियों के पास मौजूद पानी की प्लास्टिक बोतलों के ऊपर लगे रैपर तक हटवा दिए गए। इसके साथ ही महिलाओं की चूड़ियां, बालों के हेयरबैंड, रबर और हाथ में बंधा कलावा तक कटवाकर बाहर रखवा दिया गया।
परीक्षार्थियों के बंधे हुए बाल खुलवाकर चेक किए
हिसार में तो हद ही हो गई जब सुरक्षा के नाम पर महिला परीक्षार्थियों के बंधे हुए बाल खुलवाकर चेक किए गए। इतना ही नहीं कई केंद्रों पर महिलाओं की नाक का कोका और कान के कुंडल भी जबरन उतरवा दिए गए, जिससे महिलाएं काफी परेशान दिखीं। परीक्षा हॉल में जाने से पहले अभ्यर्थियों के जूते और जुराब भी उतरवाए गए।
आखिरी मिनट तक लगी रही दौड़, पुलिस बनी मददगार
परीक्षा केंद्रों पर एंट्री बंद होने का समय दोपहर 2 बजे तय किया गया था। इस वजह से ठीक 2 बजे से पहले केंद्रों के बाहर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई अभ्यर्थी आखिरी मिनटों में दौड़ लगाते हुए गेट के अंदर घुसते नजर आए। इस बीच फतेहाबाद के टोहाना से परीक्षा देने आई एक महिला अभ्यर्थी निशा रतिया बस स्टैंड पर लेट हो गई। उसकी मदद के लिए पुलिस की डायल 112 गाड़ी आगे आई और केवल 30 मिनट में उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।
वहीं सोनीपत के एक स्कूल में गेट बंद होने के बाद पहुंची महिला अभ्यर्थी गेट पर ही रोने लगी, जिसे बाद में अधिकारियों ने मानवता के नाते 10 मिनट की देरी के बावजूद अंदर जाने की अनुमति दे दी।
- Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
- https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

