हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार से केंद्र सरकार की 'पीएम ई-बस सेवा' के तहत 10 इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल शुरू हो गया।
पहले चरण में ये बसें आई-14 रूट पर संचालित की जा रही हैं, जो राऊ रंगवासा से रणजीत हनुमान, राजवाड़ा, बंगाली स्क्वायर होते हुए कनाड़िया बायपास तक सफर करेंगी।
भारत सरकार ने इस योजना के तहत इंदौर को कुल 150 अत्याधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई हैं। फिलहाल 10 बसों को तकनीकी और व्यावसायिक ट्रायल के लिए उतारा गया है। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से सभी 150 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
सीसीटीवी, पैनिक बटन और लाइव मॉनिटरिंग से होगी सुरक्षा
करीब 9 मीटर लंबी इन एसी बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं। बसों से मिलने वाला लाइव फीड सीधे सेंट्रल कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा, जिससे हर बस की लगातार निगरानी की जा सकेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
आईटीएमएस से हर बस पर रहेगी नजर
बसों के संचालन, लोकेशन और समयबद्ध सेवा की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के जरिए की जाएगी। इसका कंट्रोल अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के कार्यालय और नायता मुंडला स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगा।
डिजिटल टिकटिंग और कैशलेस सफर
नई ई-बसों में डिजिटल फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाया गया है। यात्री डिजिटल माध्यम से टिकट खरीद सकेंगे, जिससे कैशलेस और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
'कोच कैप्टन' और 'डिजिटल असिस्टेंट' संभालेंगे जिम्मेदारी
इन बसों में पारंपरिक ड्राइवर और कंडक्टर की जगह प्रशिक्षित 'कोच कैप्टन' और 'डिजिटल असिस्टेंट' तैनात किए गए हैं। इनका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर यात्रा अनुभव देना है।
दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम
बसों में व्हीलचेयर असिस्टेंस सिस्टम लगाया गया है, जिससे दिव्यांगजन आसानी से बस में चढ़-उतर सकेंगे और उन्हें सम्मानजनक यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी ई-बस सेवा
AICTSL के अनुसार भविष्य में इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा। इन्हें आसपास के कस्बों, गांवों और पेरी-अर्बन क्षेत्रों तक भी चलाया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिल सकेगा। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे नई ई-बस सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिल सके।

