इंदर कुमार, Jabalpur. न्यायधानी जबलपुर के सबसे पुराने, संकरे और व्यस्ततम व्यापारिक इलाके बड़ा फुहारा क्षेत्र में स्थित एक 30 साल से ज्यादा पुरानी चार मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गई।
गनीमत यह रही कि मंगलवार होने की वजह से पूरा बाजार बंद था जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
सोसाइटी साड़ी भंडार के नाम से चलती थी दुकान
चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा अचानक हुआ जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जमींदोज हुई चार मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर 'सोसाइटी साड़ी भंडार' नाम की एक मशहूर कपड़ा दुकान संचालित होती थी।
बताया जा रहा है कि इस पूरी बिल्डिंग के मालिक का नाम राजा जैन है। इमारत जब नीचे गिरी, तो उसकी चपेट में आकर वहां खड़ी एक कार पूरी तरह से पिचक गई और भारी नुकसान हुआ है।
कांग्रेस ने घेरा- 'कुंभकर्णी नींद' में सोया है नगर निगम प्रशासन!
इतने बड़े हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय कांग्रेस नेता भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मलबे के बीच खड़े होकर नगर निगम और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला। कांग्रेस नेताओं ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के हृदय स्थल में इतनी जर्जर और खतरनाक इमारतें खड़ी हैं लेकिन नगर निगम का अमला आंखें मूंदकर बैठा है। क्या प्रशासन किसी की मौत का इंतजार कर रहा था? समय रहते इन खतरनाक ढांचों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
फायर ब्रिगेड और पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम और प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। मलबे को हटाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि मलबे के नीचे कोई फंसा न हो। इस घटना ने एक बार फिर जबलपुर नगर निगम के खतरनाक भवनों के सर्वे और उन पर की जाने वाली कार्रवाई के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

