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जल्द शुरू हो रही गुप्त नवरात्रि : मां की भक्ति से हर भक्त पा सकता है सिद्धि, जानें कैसे करें साधना और क्या है विशेष उपाय.

जल्द शुरू हो रही गुप्त नवरात्रि : मां की भक्ति से हर भक्त पा सकता है सिद्धि, जानें कैसे करें साधना और क्या है विशेष उपाय.

षाढ़ माह में आने वाली गुप्त नवरात्रि इस साल 15 से 23 जुलाई तक मनाई जाएगी। इसे शक्ति साधना, तांत्रिक उपासना और आध्यात्मिक उन्नति का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व भी कहा जाता है। खास बात यह है कि गुप्त नवरात्रि केवल साधकों या तांत्रिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम भक्त भी मां दुर्गा की सच्ची भक्ति और नियमों का पालन करके विशेष कृपा और मनोकामनाओं की पूर्ति प्राप्त कर सकता है।

गुप्त नवरात्रि को हर वर्ग के लोगों के लिए विशेष और फलदायी पर्व माना जाता है।

इन नौ दिनों में मां दुर्गा के गुप्त रूपों की आराधना

गुप्त नवरात्रि के दौरान किए गए जप, तप और साधना का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। गुप्त नवरात्रि शमशान साधकों, तांत्रिकों और सामान्य श्रद्धालुओं सभी के लिए समान रूप से फल देने वाली होती है। बस साधना का तरीका और उद्देश्य अलग हो सकता है।

गुप्त नवरात्रि में साधना में सात्विकता का महत्व

गुप्त नवरात्रि में सात्विक आहार, मौन, उपवास और ध्यान का विशेष महत्व होता। इससे मन की एकाग्रता बढ़ती है और आत्मबल मजबूत होता है। आम व्यक्ति भी रोज मां दुर्गा के मंत्रों का जप कर, दीप जलाकर और ध्यान करके साधना करे। इन नौ दिनों में किस तरह से फल दिया जा सकता है।

1.सड़क या चौराहे से मिली वस्तुओं का उपयोग

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दौरान रास्ते या चौराहे पर मिलने वाली कुछ वस्तुएं विशेष ऊर्जा से युक्त मानी जाती हैं। यदि इन्हें श्रद्धा और नियम पूर्वक उठाकर साधना में शामिल किया जाए, तो ये सिद्ध हो सकती है ।

2.किन वस्तुओं को माना जाता है शुभ

सिक्का या धातु: रास्ते में मिला 1 2 5 का सिक्का साफ करके पूजा स्थान पर रखने से धन वृद्धि और आर्थिक स्थिरता आती है।
लाल कपड़ा या चुनरी: इसे मां दुर्गा को अर्पित करने से मनोकानामएं पूरी होने की मान्यता है।
मिट्टी, कंकड़ या पत्थर: मंत्रों से सिद्ध कर इन्हें रक्षा कवच के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

3. गुप्त नवरात्रि में श्रद्धा और नियम सबसे जरूरी

इन वस्तुओं का प्रभाव तभी माना जाता है, जब उन्हें बिना लालच और पूरी आस्था के साथ अपनाया जाए। साधना में शुद्धता और नियमों का पालन बेहद आवश्कय है । तभी माता की कृपा मिलती है।

4. गुरु की सलाह और सानिध्य जरूरी क्यों है…

तांत्रिक या विशेष साधना करने से पहले किसी जानकार गुरु की सलाह लेना उचित होगा। ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। गुप्त नवरात्रि केवल सिद्धियां प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्म शुद्धि और आध्यात्मिक विकास का भी श्रेष्ठ अवसर है । इन नौ दिनों में भक्ति, संयम और सकारात्मक सोच के साथ की गई साधना जीवन में नई ऊर्जा, संतुलन और सफलता लेकर आती है।

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