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कैमूर में दुर्गावती प्रखंड BDO पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग

कैमूर में दुर्गावती प्रखंड BDO पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग

प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के दुर्गावती प्रखंड बीडीओ पर भ्रष्टाचार के लगे आरोप और छठे वित्त आयोग की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विवाद गहराता हुआ नजर आ रहा है। प्रखंड के खड़सरा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि सुनील यादव एवं अवारी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पर वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

2023 से 2026 तक की योजनाओं पर सवाल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान छठे वित्त आयोग मद से संचालित कई योजनाओं के प्राक्कलन और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर सरकारी राशि की निकासी की गई है,उनका कहना है कि कई योजनाओं के कार्यस्थल पर सूचना पट्ट (साइनबोर्ड) तक नहीं लगाए गए, जबकि नियमों को ताक पर रखकर भुगतान कर दिया गया,

आवेदन में मुख्य रूप से निम्नलिखित खर्चों और निर्माण कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं।

फर्नीचर एवं उपकरण: प्रखंड कार्यालय के लिए फर्नीचर और उपकरणों की खरीद पर ₹14,74,753 खर्च दिखाए गए हैं। प्रखंड प्रौद्योगिकी भवन: भवन में गार्ड फर्श, कैंटीन एवं मरम्मत कार्य पर ₹4,33,500 खर्च किए गए हैं।

बीडीओ आवास: बीडीओ आवास पर बोरिंग निर्माण के लिए ₹1,50,000 की राशि दिखाई गई है,रंग-रोगन एवं मरम्मत: प्रखंड प्रौद्योगिकी केंद्र भवन के रंग-रोगन और मरम्मत पर ₹14,89,918 खर्च किए गए हैं>

प्याऊ निर्माण: प्रखंड परिसर में प्याऊ निर्माण के लिए ₹5,39,500 खर्च किए जाने का जिक्र है,प्रतिनिधियों का आरोप है कि इन योजनाओं में किए गए वास्तविक कार्य और कागजों पर दिखाई गई खर्च राशि में भारी असमानता है, जिससे सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है।

डीएम को सौंपा आवेदन, कार्रवाई पर टिकी नजरें

वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर लूट-खसोट की गई है,उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी कैमूर को एक लिखित आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। मामला सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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