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केतन अग्रवाल के परिवार पर एक और टूटा दुख का पहाड़, पोते की मौत के सदमे से अस्वस्थ चल रहे दादा का निधन

केतन अग्रवाल के परिवार पर एक और टूटा दुख का पहाड़, पोते की मौत के सदमे से अस्वस्थ चल रहे दादा का निधन

हाराष्ट्र के पुणे में हुए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है. केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल (71) का शनिवार रात सदमे से हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया.

पिछले दिनों वे अपने पोते के मर्डर की खबरों से काफी विचलित थे और उन्होंने कैंडिल मार्च में भी हिस्सा लिया था. 18 जून को पोते की दर्दनाक मौत के बाद से ही वह गहरे सदमे में थे और लगातार अस्वस्थ चल रहे थे.

परिवार के अनुसार, वे अपने पोते केतन की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और 17 दिन बाद उनका भी देहांत हो गया. दूसरी तरफ, पुणे कोर्ट ने मुख्य आरोपी मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

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केतन अग्रवाल की मौत से पहले से ही सदमे में डूबे अग्रवाल परिवार पर एक और दुखों का सामना कर पड़ रहा है. पोते की केतन की मौत के 17 दिन बाद, शनिवार की रात पुणे के एक अस्पताल में केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन हो गया.

हाल ही में उन्होंने केतन को इंसाफ दिलाने के लिए आयोजित कैंडिल मार्च में भी हिस्सा लिया था और कहा था कि ये बहुत बड़ा धोखा हुआ. ये अपनों ने ही दिया है. डॉक्टरों ने शनिवार रात 9:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे 71 साल के थे. वे रो पड़े थे जब उन्होंने उस धोखे का जिक्र किया जो मुख्य आरोपी मंगेतर सिया गोयल ने किया था जिन पर उनके परिवार ने दशकों तक भरोसा किया था.

दूसरी तरफ, पुणे की स्थानीय अदालत ने मामले की मुख्य आरोपी मंगेतर सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में नए खुलासे की बात करें तो आरोपी सिया गोयल द्वारा अपनी सहेली को भेजा गया एक स्नैपचैट सामने आया है, जिसमें उसने लिखा था कि केतन से उसकी शादी नहीं होने वाली.

इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पत्रकारों से बात करते हुए पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस इस मामले को बेहद मजबूती से अदालत में पेश कर रही है.

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केतन अग्रवाल की असमय मौत ने पूरे परिवार को भीतर से तोड़ दिया था, लेकिन सबसे बड़ा झटका उनके बुजुर्ग दादाजी को लगा. बुजुर्ग दादाजी ने अपने पोते के लिए न्याय की भावुक अपील करते हुए कहा था कि सिया और चेतन को मौत की सजा मिलनी चाहिए, उसने मेरे बुढ़ापे का सहारा छिन लिया.

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