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मऊगंज में पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार-02', 1.28 करोड़ की MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

मऊगंज में पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार-02', 1.28 करोड़ की MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

भय मिश्रा, मऊगंज। नशे के सौदागरों के खिलाफ मध्य प्रदेश की मऊगंज पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े रुख और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में मऊगंज पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ी कामयाबी लगी है।

रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार-02′ के तहत पुलिस ने एक ऐसी अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की एमडी (MDMA) ड्रग्स तैयार की जा रही थी। इस पूरी रेड को पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम और एसडीओपी सचि पाठक की मौजूदगी में कल देर रात बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।

यह सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र का है। जहाँ शाहपुर पुलिस और खटखरी चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने बिझौली गांव के एक सुनसान, किराए के मकान पर दबिश दी। पुलिस जब इस खपरैलनुमा मकान के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। नल-जल योजना के केमिकल की आड़ में, मार्च महीने से गुपचुप तरीके से संचालित हो रही इस फैक्ट्री के भीतर अंतरराष्ट्रीय स्तर की एमडी ड्रग्स की 'कुकिंग' की जा रही थी।

पुलिस ने मौके से करीब 360 ग्राम हाई-क्वालिटी संदिग्ध एमडी ड्रग्स ज़ब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला 300 लीटर से अधिक खतरनाक रासायनिक पदार्थ, कच्चा माल, ओवन मशीन, जनरेटर, वैक्यूम पंप और हीटर जैसे हाईटेक उपकरण भी बरामद किए गए हैं। साथ ही, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक बोलेरो गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त किया है। इस पूरी ज़ब्ती की कुल कीमत 1 करोड़ 28 लाख रुपये बताई जा रही है।

इस काले कारोबार के पीछे छिपे जिन चार आरोपियों को पुलिस ने बेनकाब किया है, वे अब सलाखों के पीछे हैं। पकड़े गए आरोपियों में से तीन शातिर गढ़ थाना क्षेत्र के हैं—जिनके नाम चंदन सिंह, अशोक गुप्ता और पीयूष चंद्र यादव हैं। जबकि चौथा आरोपी अभय सेन गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

इस पूरी कड़ी का मास्टरमाइंड चंदन सिंह है, जो पहले मुंबई की एक कंपनी में काम करता था। वहीं से उसने खतरनाक केमिकल्स को प्रोसेस करने की ट्रेनिंग ली और फिर अपने ही इलाके में मौत का यह सेटअप तैयार कर लिया। आरोपियों ने गांव के ही यज्ञ भान साहू का एक टूटा-फूटा खपरैल मकान किराए पर लिया था और ऊपर पन्नी डालकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे।

स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो इस सुनसान मकान में पिछले कई महीनों से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। रात के सन्नाटे में यहां रहस्यमयी गाड़ियां आती थीं और अनजान लोगों की आवाजाही बनी रहती थी। आसपास के लोग यहां से चौबीसों घंटे आने वाली केमिकल की तेज और दमघोंटू बदबू से बेहद परेशान थे, जिसकी भनक लगते ही पुलिस ने सटीक जाल बिछाकर इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर दिया।

फिलहाल, शाहपुर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 8/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि इस ड्रग्स की सप्लाई चेन एमपी से लेकर मुंबई या अन्य राज्यों में कहां-कहां जुड़ी थी और इस गिरोह के पीछे कौन से बड़े सफेदपोश तस्कर हैं।

एसपी सुरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि आरोपियों के द्वारा एक टूटे हुए मकान को किराए से लिया गया था। यह मकान यज्ञ भान साहू का है जो खपरैल घर था, वहां घर के ऊपर पन्नी लगाकर काम किया जा रहा था। आरोपियों ने मकान मालिक को झांसा दिया था कि वे नल-जल योजना के केमिकल का काम करते हैं, लेकिन उनकी आड़ में ये अवैध कारोबार चल रहा था। इसका मास्टरमाइंड चंदन सिंह है, जिसने मुंबई की एक कंपनी में काम करके केमिकल हैंडलिंग सीखी थी और यहाँ आकर यह अवैध फैक्ट्री सेटअप की। जांच जारी है।

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