Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
MP में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त: 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, HC ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

MP में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त: 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, HC ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

ब्बीर अहमद, भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 17 अगस्त तक विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जनहित याचिका में दावा किया गया है कि प्रदेश में स्वीकृत 2.89 लाख शिक्षक पदों में से 1,15,678 पद रिक्त हैं। यानी करीब 40 प्रतिशत शिक्षक पद खाली पड़े हैं, जिससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। याचिका में यह भी बताया गया है कि प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। इसके अलावा लगभग 5,000 स्कूलों के भवन जर्जर हालत में हैं। वहीं 3,400 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है और करीब 59,000 स्कूल कंप्यूटर जैसी बुनियादी डिजिटल सुविधाओं से वंचित हैं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि शिक्षकों की कमी और खराब आधारभूत सुविधाओं के कारण पिछले 10 वर्षों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 22 लाख से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से शिक्षकों की भर्ती, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Lallu Ram