मुंबई में अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राजनीतिक सत्ता का नशा सिर पर चढ़कर बोलने लगा है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक नगरसेवक पर कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट का आरोप लगा है.
नाराज स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं और साथ ही रमेश म्हात्रे नाम के नगरसेवक पर तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है.
शास्त्रीनगर अस्पताल में शिवसेना के कॉर्पोरेटर और उनके समर्थकों पर ऑन-ड्यूटी एक महिला डॉक्टर (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और कई नर्सिंग स्टाफ के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है.
मामला तब बहुत बढ़ गया जब एक नवजात को NICU में जगह न होने के कारण दूसरे अस्पताल भेजने की सलाह दी गई थी. इससे नाराज परिजनों ने नगरसेवक को बुलाया, जिसने डॉक्टरों के साथ मारपीट की.
जानकारी के मुताबिक अस्पताल में एक गर्भवती महिला को भर्ती करते समय ही डॉक्टरों ने महिला की स्थिति को देखते हुए उसके परिवार को यह समझा दिया था कि डिलीवरी बाद होने वाले बच्चे को NICU की जरूरत पड़ सकती है, जो अभी वर्तमान में इसकी कोई भी बेड खाली नहीं है.
इसलिए डॉक्टरों ने मरीज की भलाई के लिए सलाह दी कि यदि तत्काल जरूरत पड़े, तो वे मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारी को ध्यान में रखें.
शिवसेना के एक नगरसेवक और उनके साथियों पर अस्पताल में दो डॉक्टरों की पिटाई करने की इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया. जिससे अस्पताल में काम ठप हो गया.
वहीं, डॉक्टरों का आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई. उन्होंने सत्ताधारी शिवसेना पार्षद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है.
एक डॉक्टर की शिकायत पर विष्णु नगर पुलिस ने रमेश म्हात्रे समेत चार पुरुषों और एक महिला के खिलाफ FIR दर्ज की.
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दूसरी तरफ IMA की कल्याण और डोंबिवली यूनिट्स ने कहा कि अगर बुधवार तक यह कार्रवाई नहीं की गई, तो उनसे जुड़े सभी प्राइवेट डॉक्टर एकजुटता दिखाते हुए अपनी सर्विस रोक देंगे.

