जींद। हरियाणा के जींद जिले के उचाना तहसील परिसर में सोमवार दोपहर 48 वर्षीय किसान प्रहलाद सिंह ने कीटनाशक पी लिया। उन्हें पहले उचाना सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर जींद रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस को उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने इसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक के बेटे सोमपाल की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जमीन के सिलसिले में तहसील पहुंचे थे
घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है। झील गांव निवासी प्रहलाद सिंह जमीन के सिलसिले में उचाना तहसील पहुंचे थे। बताया गया कि उन्होंने तहसील परिसर में जमीन से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की। इसी दौरान उन्होंने कीटनाशक पी लिया।
सोमपाल के मुताबिक, उनके पिता चार भाई हैं और सभी के पास 8 एकड़ जमीन है। इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
2012 से चल रहा जमीन का विवाद
सोमपाल का आरोप है कि उनके चाचा राजकुमार और उनके बेटे सचिन उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। उनका कहना है कि चाचा की गांव के नंबरदार के साथ उठना-बैठना है। नंबरदार के पास पटवारी भी आता-जाता रहता है।
सोमपाल के मुताबिक, जमीन को लेकर 2012 से विवाद चल रहा है। मामला हिसार कमिश्नर के यहां कोर्ट में भी चल रहा था। उनके पिता कई साल से इस केस को लड़ रहे थे।
पिस्टल दिखाकर डराने का भी आरोप
सोमपाल ने आरोप लगाया कि गांव में आते-जाते चाचा उनके पिता को डराते-धमकाते थे। उनका कहना है कि कई बार पिस्टल दिखाकर धमकाया जाता था और लाइसेंसी होने की बात कही जाती थी।
पुलिस को जांच के दौरान प्रहलाद सिंह की जेब से सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है।
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सुसाइड नोट के आधार पर FIR
उचाना थाना प्रभारी चंद्रपाल के मुताबिक, प्रहलाद सिंह के सुसाइड नोट और उनके बेटे सोमपाल की शिकायत के आधार पर सुमित नंबरदार और उसके भाई सचिन को नामजद किया गया है। तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और इसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
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