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हर्ष फायरिंग केस में बीजेपी विधायक राजू सिंह दोषी, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा; 25 लाख मुआवजे का भी आदेश

हर्ष फायरिंग केस में बीजेपी विधायक राजू सिंह दोषी, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा; 25 लाख मुआवजे का भी आदेश

Lifeberrys 2 weeks ago

अदालत ने सजा के साथ उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 31 दिसंबर 2018 की उस न्यू ईयर पार्टी से जुड़ा है, जिसमें कथित हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली लगने से डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी।

अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि मृतका के पति को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या (ऐसा अपराध जो हत्या की श्रेणी में नहीं आता) का दोषी माना और उसी आधार पर सजा निर्धारित की।

आर्म्स एक्ट में भी मिली अलग सजा

गैर-इरादतन हत्या के मामले में चार साल की सजा के अलावा अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी राजू कुमार सिंह को दो महीने के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।

अदालत के इस फैसले के साथ मामले में लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। यह मामला कई वर्षों से न्यायिक विचाराधीन था और अब कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना अंतिम फैसला सुनाया।

अच्छे आचरण के आधार पर मांगी थी राहत

सजा तय किए जाने के दौरान राजू कुमार सिंह की ओर से अदालत में प्रोबेशन यानी अच्छे आचरण के आधार पर रिहाई की मांग की गई। बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को इससे पहले किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया और उनका सार्वजनिक जीवन बेदाग रहा है।

वकील ने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्नी रेनू सिंह ने प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष बयान दिया था कि उनके पति को आज तक किसी भी मामले में जेल नहीं भेजा गया। बचाव पक्ष का कहना था कि इससे उनके अच्छे चरित्र और पूर्व रिकॉर्ड का पता चलता है।

बचाव पक्ष ने कम सजा देने की अपील की

राजू कुमार सिंह के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि उनके सामाजिक जीवन, पारिवारिक परिस्थितियों और पूर्व रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए उन्हें दो वर्ष से कम की सजा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमे के दौरान आरोपी ने किसी भी गवाह को प्रभावित करने, धमकाने या जांच में बाधा डालने की कोई कोशिश नहीं की।

बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि विधायक के वृद्ध माता-पिता उनकी देखभाल पर निर्भर हैं और उनका अब तक का सार्वजनिक जीवन विवादों से मुक्त रहा है। इन सभी तथ्यों को आधार बनाते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की गई।

अदालत में भावुक हुए राजू कुमार सिंह

सुनवाई के दौरान अदालत ने जब राजू कुमार सिंह को अपनी बात रखने का अवसर दिया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन में कभी जानबूझकर कोई गलत कार्य नहीं किया। उन्होंने खुद को सामाजिक कार्यों से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए अदालत से न्यूनतम सजा देने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा, "मैंने कभी किसी के साथ गलत करने की मंशा नहीं रखी। डॉ. अर्चना गुप्ता मेरे भाई के मित्र की पत्नी थीं और मैं उन्हें भाभी कहकर संबोधित करता था। मैं अदालत से अनुरोध करता हूं कि मुझे यथासंभव कम सजा दी जाए।"

जानिए क्या था पूरा मामला

यह घटना 31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई थी। आरोप है कि जश्न के बीच हर्ष फायरिंग की गई, जिसमें चली गोली डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई थी।

डॉ. अर्चना गुप्ता, शिकायतकर्ता विकास गुप्ता की पत्नी थीं। दोनों राजू कुमार सिंह के भाई द्वारा आयोजित उस पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे, जहां यह दुखद घटना हुई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद राउस एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को दोषी मानते हुए चार साल की सजा, आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त कारावास और 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया।

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