अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की पहल वाली शांति योजना के अनुसार हमास कुछ शर्तों के साथ हथियार डालने के लिए तैयार हो गया है लेकिन इजरायल ने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ट्रंप ने कहा है कि हमास के हथियार डालने के लिए तैयार होने से क्षेत्रीय शांति के लिए उनकी योजना ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच गई है। दावा किया कि हमास के निर्णय से इजरायल बहुत खुश है।
शांति योजना के द्वितीय चरण को लागू करने के लिए पिछले कई दिनों से मिस्र की राजधानी काहिरा में मध्यस्थों और हमास प्रतिनिधियों के बीच वार्ता चल रही थी। वार्ता के बीच गाजा पर इजरायल के हमलों में दो बच्चों समेत छह लोग मारे गए हैं।
ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा है कि हमास संपूर्ण निशस्त्रीकरण के लिए तैयार हो गया है। फलस्तीनी संगठन के हथियार छोड़ने की प्रक्रिया चरणबद्ध होगी। इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनेगा।
हमास के हथियार छोड़ने के साथ ही गाजा में सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी चलेगी। फिलहाल वहां पर हमास सत्ता पर काबिज है। सत्ता का हस्तांतरण किसी फलस्तीनी संगठन को होगा।
इस बीच हमास की ओर से वार्ता कर रहे दल के सदस्य गाजी हमाद ने स्पष्ट किया है कि हथियार छोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले इजरायली सेना को गाजा पट्टी से हटना होगा, हमले बंद करने होंगे और गाजा को आने वाली मानवीय सहायता के रास्ते से बाधाएं हटानी होंगी।
हमास सूत्र के अनुसार संगठन अपने भारी हथियार गाजा पट्टी की फलस्तीनी सरकार को सौंपेगा जो कभी भी इजरायल नहीं भेजे जाएंगे।
इजरायल की चुप्पी से अमेरिका प्रक्रिया की सफलता को लेकर आशंकित हो गया है। ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हमास के पूर्ण रूप से हथियार छोड़ने के लिए तैयार होने को लेकर इजरायल आशंकित है। लेकिन हमें विश्वास है कि इजरायल अमेरिकी योजना पर आगे बढ़ेगा।
अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बहुत ज्यादा निराशाजनक होगा। एक प्रश्न के उत्तर में योजना को अंजाम देने के लिए गठित शांति परिषद के अधिकारी ने बताया कि द्वितीय चरण की प्रक्रिया 200 दिनों से 320 दिनों के बीच पूरी होगी।

