Article By Shivam Sankrit (editor) : पंजाब की धरती हमेशा से साहस, सेवा और परिश्रम की प्रतीक रही है। पिछले 4 वर्षों में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने शासन (Governance) के एक ऐसे युग में प्रवेश किया है, जहाँ 'खास आदमी' की जगह 'आम आदमी' सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्र में है।
"रंगला पंजाब" के सपने को हकीकत में बदलते हुए मान सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार के क्षेत्रों में ऐसी मिसालें पेश की हैं, जिनकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है।
1. बिजली क्रांति: अंधेरे से 'जीरो बिल' तक का सफर
मान सरकार की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बिजली क्षेत्र में सुधार है। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में घरेलू बजट का एक बड़ा हिस्सा बिजली बिलों में चला जाता था।
300 यूनिट मुफ्त बिजली: सरकार ने अपना वादा निभाते हुए हर घर को 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली दी। आज पंजाब के 90% से अधिक परिवारों का बिजली बिल 'जीरो' आता है।
निर्बाध आपूर्ति: मुफ्त बिजली के साथ-साथ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि धान के सीजन में किसानों को और गर्मियों में घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली के कटों का सामना न करना पड़े।
पछवाड़ा कोयला खदान: बंद पड़ी पछवाड़ा कोयला खदान को फिर से शुरू करवाकर राज्य ने बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों की बचत हुई।
2. स्वास्थ्य क्षेत्र में कायाकल्प: मोहल्ला क्लीनिक से उच्च तकनीक तक
मुख्यमंत्री मान का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राज्य का आधार हैं। आम आदमी क्लीनिक: राज्य भर में 800 से अधिक 'आम आदमी क्लीनिक' खोले गए हैं। ये क्लीनिक आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं जहाँ 80 से अधिक प्रकार की दवाइयां और 40 से अधिक टेस्ट मुफ्त होते हैं। अब तक करोड़ों लोग अपने घर के पास ही इन सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।
अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण: जिला अस्पतालों और उप-मंडल अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को सुधारा गया है ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी प्राइवेट अस्पतालों जैसा इलाज मुफ्त मिल सके।
3. शिक्षा: सुनहरे भविष्य की नींव
पंजाब को देश का 'एजुकेशन हब' बनाने के लिए मान सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। स्कूल ऑफ एमिनेंस: राज्य के सरकारी स्कूलों को 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' में बदला जा रहा है। ये स्कूल स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब्स और बेहतरीन खेल सुविधाओं से लैस हैं।
शिक्षकों का सम्मान: मान सरकार ने वर्षों से संघर्ष कर रहे हजारों 'कच्चे' अध्यापकों की सेवाओं को रेगुलर (पक्का) किया। इसके अलावा, शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर और अन्य देशों में भेजा गया, ताकि वे पंजाब के बच्चों को विश्व-स्तरीय शिक्षा दे सकें।
बिज़नेस ब्लास्टर्स: छात्रों में उद्यमिता (Entrepreneurship) विकसित करने के लिए स्कूलों में 'बिज़नेस ब्लास्टर्स' प्रोग्राम शुरू किया गया, जिससे छात्र अब केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे।
4. रोजगार: 'कलम' का मान, युवाओं को सम्मान
पिछली सरकारों में भर्ती की प्रक्रिया अक्सर विवादों और भ्रष्टाचार के घेरे में रहती थी, लेकिन मान सरकार ने इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाया।
40,000+ सरकारी नौकरियां: अपने छोटे से कार्यकाल में मान सरकार ने रिकॉर्ड 40,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी 'सिफारिश' या 'रिश्वत' के योग्यता के आधार पर सरकारी नियुक्तियां दी हैं।
निवेश और निजी रोजगार: 'इन्वेस्ट पंजाब' के माध्यम से राज्य में हजारों करोड़ का निवेश आया है, जिससे निजी क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। टाटा स्टील जैसे बड़े समूहों का पंजाब आना सरकार की नीतियों पर भरोसे का प्रतीक है।
5. भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ दी थी।
एंटी-करप्शन हेल्पलाइन: भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए एक सीधा व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया। इसके तहत कई प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों पर नकेल कसी गई।
पारदर्शी प्रशासन: तहसील और कचहरी के काम अब बिना किसी बिचौलिए के होने लगे हैं। 'सरकार आपके द्वार' अभियान के तहत मुख्यमंत्री और मंत्री स्वयं गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर निपटारा कर रहे हैं।
6. कृषि और किसान कल्याण: अन्नदाता का सशक्तिकरण
पंजाब की आत्मा इसकी खेती में बसती है। मान सरकार ने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ वैकल्पिक खेती को भी बढ़ावा दिया है।
मूंग की खेती पर MSP: पानी की बचत के लिए किसानों को मूंग उगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उस पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया गया।
धान की सीधी बिजाई (DSR): भूजल बचाने के लिए धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की नकद सहायता दी गई।
नहरी पानी का विस्तार: दशकों बाद पंजाब की टेल (अंतिम छोर) तक नहरी पानी पहुँचाया गया है, जिससे किसानों की मोटर-डीजल पर निर्भरता कम हुई है।
7. नशा मुक्ति और सुरक्षा
पंजाब को नशा मुक्त बनाना मुख्यमंत्री का सबसे बड़ा संकल्प है।
नशा विरोधी अभियान: पुलिस प्रशासन को खुली छूट दी गई है कि वे नशा तस्करों की चेन को तोड़ें। साथ ही, युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए 'खेड़ां वतन पंजाब दीयां' जैसे बड़े खेल उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं।
कानून व्यवस्था: एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने राज्य में गैंगस्टरों के नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जिससे प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है।
8. महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचा
मुफ्त बस यात्रा: महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को और बेहतर बनाया गया।
सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF): पंजाब देश का पहला राज्य बना जिसने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' का गठन किया। ये हाई-टेक गाड़ियाँ हाईवे पर 24 घंटे तैनात रहती हैं ताकि कीमती जानें बचाई जा सकें।
खुशहाली की ओर बढ़ता पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार केवल योजनाएं नहीं बनाती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारती है। "नियत साफ, विकास बेमिसाल" के नारे को चरितार्थ करते हुए मान सरकार ने पंजाब को एक ऐसे रास्ते पर ला खड़ा किया है जहाँ राजनीति 'जनता की सेवा' का माध्यम बन गई है। बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर घर तक पहुँचाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व ईमानदार हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
आज पंजाब का हर नागरिक गर्व से कह सकता है कि अब राज्य की बागडोर एक ऐसी सरकार के हाथ में है, जो जनता की है, जनता के लिए है और जनता द्वारा चुनी गई प्राथमिकताओं पर चलती है। रंगला पंजाब अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक हकीकत बन रहा है।
