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Dog: काले रंग के और लंबे बालों वाले कुत्ते गर्मी से जल्दी आते हैं तनाव में, खतरे से बचने को बरतें एहतियात

ई दिल्ली. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना के टीचिंग वेटरनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. राज सुखबीर सिंह ने कहा कि गर्मियां लोगों और उनके पालतू कुत्तों के लिए बाहर समय बिताने, कसरत करने और मनोरंजन की गतिविधियों का आनंद लेने का एक आदर्श मौसम है.

हालांकि, पर्यावरण का बढ़ता तापमान कुत्तों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर सकता है, इसलिए उन्हें अत्यधिक गर्मी से बचाना जरूरी है. उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) कुत्तों में गर्मियों से जुड़ी सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से हैं और कोई भी कुत्ता जो किसी गर्म और उमस भरे दिन कसरत कर रहा है, वह ज़्यादा गर्म हो सकता है, भले ही उसके पास पानी उपलब्ध हो.

उन्होंने समझाया कि कुत्तों के शरीर का सामान्य तापमान 100.5°F और 102.5°F के बीच होता है और कुत्ते मुख्य रूप से हांफकर और त्वचा की रक्त वाहिकाओं से गर्मी निकालकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित करते हैं. यदि शरीर का तापमान बढ़कर 105-106°F हो जाता है, तो कुत्तों को हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट) या हीट स्ट्रोक होने का बहुत ज्यादा खतरा होता है, जिससे अंगों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और यदि तुरंत इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है.

ज्यादा गर्म सतहों पर कुत्तों को न टहलाएं
उन्होंने पालतू जानवरों के मालिकों को सलाह दी कि वे कुत्तों को दिन के ठंडे समय में, जैसे कि सुबह-सवेरे या देर शाम को सैर के लिए ले जाएं.

इस बात पर जोर दिया कि काले रंग के और लंबे बालों वाले कुत्ते गर्मी के तनाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं.

डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि कुत्तों को खड़ी गाड़ियों के अंदर बिना किसी की देखरेख के छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है.

क्योंकि कारों के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में तेजी से बढ़ सकता है, भले ही खिड़कियां थोड़ी खुली हों.

उन्होंने पालतू जानवरों के मालिकों को अत्यधिक गर्म सतहों पर कुत्तों को न टहलाने की चेतावनी दी, क्योंकि इससे उनके पैरों के तलवे जल सकते हैं.

डॉ. सिंह ने सलाह दी कि कुत्तों को छायादार जगहों पर रखें जहां उन्हें हमेशा ताजा और ठंडा पानी मिलता रहे. उन्हें ठंडा रखने के लिए बच्चों के पूल, टब या स्प्रिंकलर जैसे विकल्प उपलब्ध कराएं.

उन्होंने गर्मियों के दौरान टिक्स (किलनी) और पिस्सू जैसे बाहरी परजीवियों के बढ़ते जोखिम पर भी प्रकाश डाला और पालतू जानवरों के मालिकों को बचाव के उपायों के लिए पशु चिकित्सकों से सलाह लेने की सलाह दी.

इसके अलावा, लंबे बालों वाले कुत्तों के बालों की कटाई (क्लिपिंग) करने से भी गर्मी के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है.

डॉ. सिंह ने आगे इस बात पर जोर दिया कि एक बार जब कुत्ते के शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, चाहे उसका कारण कुछ भी हो, तो इसे जानलेवा आपात स्थिति माना जाना चाहिए.

ऐसी स्थितियों में, पालतू जानवरों के मालिकों को तुरंत किसी इमरजेंसी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और कुत्ते को ठंडे पानी से ठंडा करना शुरू कर देना चाहिए, खासकर उसके जांघों, कांखों और गर्दन के आस-पास.

साथ ही, उन्हें बहुत ज़्यादा ठंडे पानी या बर्फ का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, जिससे शरीर की गर्मी बाहर निकलने में देरी हो सकती है.

उन्होंने यह भी सलाह दी कि कुत्ते को ठंडा रखने के लिए पंखों या कार के एयर वेंट्स का इस्तेमाल किया जाए, और उसे तुरंत पशु चिकित्सा के लिए ले जाते समय, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ठंडा पीने का पानी दिया जाए.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Live Stock Animal News