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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक खेलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया

Live Today 1 week ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक खेलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया है और कहा है कि देश की खेल संबंधी महत्वाकांक्षाएं केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग बननी चाहिए।

खेलो इंडिया डायलॉग के दौरान सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत को खेलों की व्यापक श्रेणी में अपनी खेल क्षमता का उपयोग करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेल में सफलता का प्रभाव केवल खिलाड़ी तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह परिवारों, शिक्षण संस्थानों, जिलों और राज्यों के गौरव और पहचान को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा, 'जो लोग खेलते हैं, वे निखरते हैं, और खेलों में 'निखरना' का अर्थ केवल मैदान पर जीतना नहीं है। यह व्यक्ति और परिवार के विकास के साथ-साथ राष्ट्र के गौरव को भी बढ़ाता है।

PM मोदी ने ओलंपिक में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया

भारतीय खेलों के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए मोदी ने कहा कि देश ओलंपिक खेलों में बड़ी संख्या में भाग नहीं लेता है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'इस बार मैंने लाल किले से खेल से संबंधित एक बड़ी चुनौती की ओर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित किया। यह चुनौती ओलंपिक से संबंधित है। ओलंपिक में शामिल विभिन्न खेलों में से आधे खेलों में भी भारतीय टीमें भाग नहीं लेती हैं। उन्होंने 2012 के ओलंपिक में भारत की भागीदारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब देश ने केवल 13 खेलों में भाग लिया था, तब 20 से अधिक ऐसे खेल थे जिनमें भारतीय एथलीटों ने भाग नहीं लिया था।

राष्ट्र निर्माण के एक भाग के रूप में खेल

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की खेल संबंधी दृष्टि केवल पदकों की गिनती तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि देश की खेल प्रतिभा और युवा आबादी का दोहन करने पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने कहा, '15 अगस्त को मैंने लाल किले से राष्ट्र के समक्ष भारत की खेल संबंधी दृष्टि प्रस्तुत की। जब मैं खेलों की बात करता हूं, तो इसका तात्पर्य केवल पदक जीतना नहीं है। यह एक विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल प्रतिभा और युवा शक्ति को एकजुट करने का अभियान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेलों में सफलता का व्यापक सामाजिक प्रभाव हो सकता है, जिससे न केवल खिलाड़ियों को बल्कि उनके परिवारों, स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों को भी पहचान मिलती है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Live Today