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'ऊर्जा संकट पर भारत की बड़ी जीत': जोधपुर से PM मोदी बोले- अफवाह फैलाने वाले नाकाम, जनता पर नहीं पड़ने दिया बोझ

'ऊर्जा संकट पर भारत की बड़ी जीत': जोधपुर से PM मोदी बोले- अफवाह फैलाने वाले नाकाम, जनता पर नहीं पड़ने दिया बोझ

राजस्थान के जोधपुर दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी और कहा कि नया टर्मिनल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हुआ था, लेकिन भारत ने समय पर सही फैसले, प्रभावी रणनीति और मजबूत कूटनीति के दम पर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया।

'अफवाह फैलाने वाले सफल नहीं हुए'

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के दौरान कुछ ताकतें लगातार अफवाहें फैलाकर लोगों में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए हालात को भड़काने का प्रयास भी हुआ, लेकिन सरकार की सतर्कता, धैर्य और नीतिगत फैसलों के कारण ऐसी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के इलाकों में भी मामूली दिक्कतों को छोड़कर ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी रही।

75 हजार करोड़ का घाटा, फिर भी जनता पर नहीं डाला बोझ

पीएम मोदी ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेल कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक बोझ की जिम्मेदारी सरकार ने उठाई ताकि आम जनता पर अतिरिक्त भार न पड़े। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी भी घटाई।

25 से बढ़कर 40 देशों से हुआ ईंधन आयात

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संकट के दौरान भारत की विदेश नीति और वैश्विक संबंध सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आए। उन्होंने बताया कि संकट शुरू होने से पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यह संख्या बढ़ाकर 40 से अधिक देशों तक पहुंचा दी गई। इससे देश में ईंधन आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्रहित और देशवासियों का हित सर्वोपरि है। "नागरिक देवो भवः" की भावना के साथ सरकार ने हर फैसला लिया और संकट के दौर में भी देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की।

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