Wednesday, 27 Jan, 7.21 pm Lokmat News

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दिल्ली में प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रतिबंधों के चलते यात्रियों को हुई परेशानी

नयी दिल्ली, 27 जनवरी दिल्ली में 26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद सुबह जहां यातायात काफी धीमा रहा वहीं आसपास के इलाकों से बुधवार को कई कैब चालकों ने राष्ट्रीय राजधानी आने से इनकार कर दिया।

सीमावर्ती इलाकों या दूर-दराज के इलाकों जैसे नोएडा, फरीदाबाद और नरेला से आने-जाने वालों को या तो अपने यात्रा कार्यक्रम को फिर से निर्धारित करना पड़ा या फिर कैब या ऑटो के लिये लंबा इंतजार करना पड़ा।

नोएडा के एक यात्री ने नाम न जाहिर करने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा, 'कोई भी मध्य दिल्ली की तरफ जाने का इच्छुक नहीं है। उन्हें डर है कि रास्ते बंद होंगे, मैंने एक ड्राइवर को यात्रा परामर्श भी दिखाया, लेकिन वह जोखिम लेने को तैयार नहीं हुआ। मुझे मेट्रो पकड़ने के लिए कुछ दूर जाना पड़ा और फिर मैंने ऑटो लिया लेकिन उसने भी मुझे मेरे गंतव्य तक नहीं छोड़ा।'

एक अन्य यात्री ने कहा, 'कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वारों के बारे में सूचना इन दिनों बार-बार बदल रही है और कैब चालक भी जाने को लेकर आशंकित हैं। जब मुझे कैब नहीं मिली तो मुझे अपना कार्यक्रम बदलना पड़ा, मैं अब अगले हफ्ते जाऊंगा जब स्थिति सामान्य हो जाएगी।'

ट्रैक्टर परेड के दौरान मंगलवार को हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय राजधानी में प्रमुख मार्गों पर यातायात पाबंदी की वजह से बुधवार को यात्रियों को अपनी मंजिल पर पहुंचने में मुश्किल का सामना करना पड़ा।

दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्विटर पर कहा कि कालिंदी कुंज और नोएडा मार्ग पर चार लेन बंद होने की वजह से यातायात धीमा है।

इस बीच पाबंदियों की वजह से आईटीओ, मंडी हाउस और इंडिया गेट पर प्रभावित हुआ यातायात बुधवार को दोपहर बाद फिर से खुल गया।

नरेला से करोल बाग तक अक्सर सफर करने वाली एक युवती ने कहा कि सिंघू बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन की वजह से कैब मिलने में पहले से ही परेशानी थी और मंगलवार को हुई घटना के बाद अब डर का माहौल है और यात्रियों से ज्यादा पैसा लेने का उचित अवसर भी बन गया है।

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