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ई-श्रम पोर्टल पर एक करोड़ पंजीकरण हुए, श्रम राज्यमंत्री ने मजदूर संघों से जागरूकता बढ़ाने को कहा

नयी दिल्ली, 18 सितंबर श्रम और रोजगार राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने शनिवार को मजदूर संगठनों से ई-श्रम पोर्टल के बारे में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए पूरा समर्थन देने का आग्रह किया और कहा कि इस पोर्टल पर लगभग एक करोड़ श्रमिक पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि तेली ने शनिवार को आईआईआईटी-डी जबलपुर, मध्य प्रदेश में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों और पत्रकारों के साथ बातचीत की। उनके साथ केंद्रीय मुख्य श्रम आयुक्त डी पी एस नेगी भी थे।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड, कोविड-19 राहत योजना, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना एवं बीड़ी श्रमिक कार्ड का वितरण किया गया।

तेली ने कहा कि सिर्फ 26 दिनों में पोर्टल पर लगभग एक करोड़ पंजीकरण किए जा चुके है। इस दौरान श्रमिकों को इस पोर्टल की जानकारी भी दी गयी। केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से भी अपील की कि वह इस पोर्टल की जानकारी को प्रदेश के कोने कोने में पहुंचाये।

ई-श्रम पोर्टल देश में 38 करोड़ से अधिक असंगठित कामगारों का नि:शुल्क पंजीकरण करेगा और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के वितरण में मदद करेगा। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने असंगठित क्षेत्र के 38 करोड़ श्रमिकों का डेटाबेस तैयार करने और उसका रखरखाव करने के लिए पिछले महीने के अंत में ई-श्रम पोर्टल शुरू किया था।

सरकार ने पोर्टल पर पंजीकरण के इच्छुक श्रमिकों की मदद के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर - 14434 भी जारी किया है। इस समूची कवायद का मकसद सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण है। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को राज्य सरकारों के विभागों के साथ भी साझा किया जायेगा।

यह पोर्टल निर्माण श्रमिकों, प्रवासी श्रमिकों, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों, घरेलू कामगारों, कृषि श्रमिकों, दूध वालों, मछुआरों, ट्रक चालकों सहित सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की मदद करेगा।

ई-श्रम पोर्टल पर प्रत्येक पंजीकृत असंगठित कामगार के लिए दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर का भी प्रावधान है। यदि पोर्टल पर पंजीकृत कोई कामगार दुर्घटना का शिकार होता है, तो मृत्यु या स्थायी रूप से शारीरिक विकलांगता की स्थिति में दो लाख रुपये और आंशिक रूप से शारीरिक विकलांगता का शिकार होने पर एक लाख रुपये दिए जायेंगे।

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