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जम्मू: आतंकियों की सूचना के बाद कई इलाकों में तलाशी अभियान, निशाने पर गणतंत्र दिवस

पाकिस्तान की ओर से जम्मू के कई इलाकों में बड़ी संख्या में आतंकियों के घुस आने की खबरों के बाद कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख सांबा और राजौरी में व्याप्क अभियान चलाया गया है। जबकि सुरक्षाधिकारी आप लोगों को 'दहशतजदा' कर रहे हैं कि आतंकी इस बार गणतंत्र दिवस पर कुछ बड़ा कर सकते हैं।

सांबा और राजौरी में तलाशी अभियान

अधिकारियों ने बताया कि सांबा और राजौरी जिलों में स्थानीय लोगों द्वारा संदिग्ध देखे जाने के उपरांत तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। जानकारी के अनुसार, सांबा के सीमावर्ती क्षेत्र सदोह और मावा में आज सुबह स्थानीय लोगों ने संदिग्ध देखे। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दे दी। अब क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा संयुक्त रूप से तलाशी अभियान जारी है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत हैं।

इसी बीच राजौरी के टंडवाल ठंडाकस्सी क्षेत्र में भी तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षाबलों को सूचना मिली है कि क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा संदिग्ध देखे गए हैं। इसी के उपरांत पूरे क्षेत्र को सुरक्षाबलों ने घेरकर तलाशी अभियान जारी कर दिया है। सड़क मार्ग पर यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

आतंकियों के निशाने पर गणतंत्र दिवस

दूसरी ओर चौंकाने वाला तथ्य आतंकियों द्वारा बनाए जा रहे भयावह वातावरण का यह है कि आम नागरिक तो दहशतजदा हैं ही सुरक्षाकर्मी सबसे अधिक भयभीत हैं। यही कारण है कि सुरक्षाधिकारी मानते हैं कि इस बार का गणतंत्र दिवस अधिक खूनी साबित हो सकता है। इतना जरूर था कि पुलिस महानिदेशक से लेकर आईजी लेवल तक के अधिकारी यह कह रहे हैं कि आतंकी गणतंत्र दिवस पर कुछ बड़ा कर सकते हैं।

लश्कर-ए-तैयबा से सबसे ज्यादा खतरा

सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक खतरा लश्कर-ए-तैयबा से है जो पिछले कुछ समय से कहर के रुप में कश्मीर में उस अमन चैन की कोशिश पर टूट रहा है जिसे लाने का प्रयत्न किया जा रहा है। यही नहीं लश्कर-ए-तैयबा की ओर से सबसे बड़ा खतरा मानव बमों का है क्योंकि अभी तक का अनुभव यही रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा ने आतंक तथा दहशत फैलाने के लिए मानव बमों का खुल कर इस्तेमाल किया है जबकि आत्मघाती हमले उसके प्रमुख हथिय्ाार माने जाते हैं।

गणतंत्र दिवस पर आतंकी हिंसा सभी हदों को पार कर सकती है इस आशंका का नतीजा यह है कि कश्मीर घाटी ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर के कई प्रमुख कस्बों में वे सड़कें तथा उन मैदानों के आसपास के क्षेत्रों में अभी से मौत का सन्नाटा छाने लगा है जहां गणतंत्र दिवस परेड होनी है और आतंकवादी उन्हें तहस-नहस करने की चेतावनी दे रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में जनजीवन अस्त व्यस्त

आतंकी अपनी धमकी में कामयाब हो पाएंगें या नहीं यह तो समय ही बता पाएगा लेकिन इतना अवश्य है कि उनकी धमकियों के कारण जम्मू कश्मीर में सारा जन जीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है क्योंकि आतंकी धमकी को रोकने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा 'मासूमों' को तंग करने का सिलसिला आरंभ किया जा चुका है।

Dailyhunt
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