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भारत
नागरिकता कानून: मऊ में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा, थाना परिसर में आगजनी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संशोधित नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन को दुखद एवं बेहद निराशाजनक करार देते हुए कहा कि इस कानून को लेकर किसी भी भारतीय को चिंतित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह सिर्फ ऐसे लोगों के लिये है जो बाहर वर्षों से प्रताड़ना के शिकार थे। वहीं नए कानून को देश भर के विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन हो रहे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार को छह मेट्रो स्टेशन चार घंटों तक बंद रहे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार, शाम को करीब सात बजे सामान्य सेवाएं बहाल की गई। जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में रविवार को पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर जामिया मिल्लिया इस्लामिया मेट्रो स्टेशन चार घंटे तक बंद रहा। इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली में पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग और जनपथ स्टेशनों पर दो घंटे से अधिक समय तक प्रवेश एवं निकास बंद रहा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा देशभर के कई अन्य विश्वविद्यालयों के प्रदर्शनरत छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सोमवार को इंडिया गेट पर धरना दिया। बाद में शाम को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी जामिया और एएमयू के छात्रों को अपना समर्थन देने के लिए इंडिया गेट पर एकत्रित हुए।

पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को मीडिया संस्थानों से कहा कि वे राज्य में हिंसा की घटनाओं से जुड़ी खबर देते वक्त सतर्कता बरतें। प्रदेश सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि ऐसा पता चला है कि कुछ समाचार चैनल बार-बार हिंसा की छिटपुट घटनाओं की पुरानी तस्वीरें दिखा रहे हैं, जिससे गलत छवि बन रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने केबल टेलीविजन नेटवर्क रेगुलेशन एक्ट,1995 और भारतीय प्रेस परिषद के दिशानिर्देशों का संदर्भ देते हुए कहा, "हम मीडिया से बार-बार अनुरोध कर रहे हैं कि मौजूदा हालात में राज्य सरकार से सहयोग करें। हम एक बार फिर इस मामले में आपका सहयोग मांगते हैं।" संशोधित नागरिकता अधिनियम को लेकर पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में लगातार चौथे दिन भी हिंसक प्रदर्शन हुए और अलग-अलग जिलों से तोड़फोड़ व आगजनी की खबरें भी आईं।

पश्चिम बंगाल की सरकार ने मीडिया से कहा कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन की घटनाओं की रिर्पोटिंग में सतर्कता बरतें।

भारत में फ्रांस के राजदूत एमैन्युल लेनां ने सोमवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून नयी दिल्ली का आंतरिक और घरेलू मामला है। साथ ही रेखांकित किया कि उनका देश धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास करता है। लेनां ने बातचीत में कहा कि भारत लोकतंत्र है और जब लोगों के विचारों में विवाद होता है तो वे उच्चतम न्यायालय जैसे संस्थाओं का रुख कर सकते हैं जो कुशलतापूर्वक फैसला ले सकता है। उन्होंने कहा, ''मैं मानता हूं कि किसी भी देश के लिए भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। हम धार्मिक स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं और यह ऐसा मुद्दा नहीं जिसपर हम टिप्पणी करें।''

प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर बंद मेट्रो स्टेशनों को खोल दिया गया है, दिल्ली मेट्रों की सेवाएं सामान्य हैं: डीएमआरसी

संशोधित नागरिकता कानून को लेकर शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार को मध्य दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गये हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने की घोषणा की थी। डीएमआरसी ने ट्वीट किया, ''लोक कल्याण मार्ग और जनपथ के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गये हैं। इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।'' जामिया और एएमयू के छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गयी हैं तो वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जेएनयू के छात्र शाम को इंडिया गेट पर जमा होंगे।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को छात्रों से हिंसा से दूर रहने और परिसरों में शांति बनाए रखने की अपील की। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल की यह अपील देश भर में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया विवि एवं अलीगढ़ मुस्लिम विवि में छात्रों पर पुलिस की कथित कार्रवाई के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आई। निशंक ने कहा ''मैं विद्यार्थियों से हिंसा से दूर रहने और परिसरों में शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें।'' उन्होंने कहा ''हमें शांति, सद्भाव और भाई चारे की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। हमें ऐसी किसी भी गतिविधि में लिप्त नहीं होना चाहिए जो राष्ट्र हित में नहीं है ।''

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया और एएमयू के छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरुद्ध यहां इंडिया गेट तथा जंतर मंतर पर प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार को मध्य दिल्ली के तीन और मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गये हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, ''पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारा बंद कर दिये गये हैं। पटेल चौक और उद्योग भवन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।'' जामिया और एएमयू के छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गयी हैं तो वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जेएनयू के छात्र शाम को इंडिया गेट पर जमा होंगे। डीएमआरसी ने तीन स्टेशनों को बंद करने की घोषणा से पहले जामिया मिलिया इस्लामिया स्टेशन को भी बंद करने की जानकारी दी थी जो अब भी बंद है।

विवादास्पद नागरिकता संशोधन कानून पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद के छात्रों ने भी एकजुटता प्रदर्शित की है। छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में आईआईएम अहमदाबाद के परिसर से निकाले गये मार्च में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रों ने हाथों में प्लेकार्ड लिये हुए थे, जिन पर लिखा था, ''अंतरात्मा की सुनने के लिए आवाज जोरदार होनी चाहिए।''

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्णय की सोमवार को आलोचना की और कहा कि वह '' असंवैधानिक एवं भड़काऊ '' कार्य करने से बचें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य में स्थिति बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए, जहां पिछले तीन दिनों से कानून को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक रैली में हिस्सा लेने वाली हैं। उन्होंने लोगों से भी रैली में शामिल होने की अपील की है।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच सरिता विहार से कालिंदी कुंज के बीच सोमवार सुबह यातायात बंद कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ''सरिता विहार से कालिंदी कुंज के बीच सड़क संख्या 13ए पर यातायात बंद कर दिया गया है। नोएडा से दिल्ली की तरफ आने वाले मोटरसाइकिल सवार लोगों से मथुरा रोड, आश्रम और डीएनडी मार्ग तथा बदरपुर से आने वालों को आश्रम चौक वाले मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की जाती है।''

हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी छात्र संघ ने जामिया और एएमयू में पुलिस-छात्रों के बीच हुई झड़पों के खबरों के बीच परीक्षा का बहिष्कार किया।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सोमवार को कहा कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निकास द्वार खोल दिए गए हैं और सभी स्टेशनों पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद दक्षिणपूर्वी दिल्ली में हिंसा के मद्देनजर डीएमआरसी ने पुलिस की सलाह के बाद रविवार शाम को करीब 13 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। डीएमआरसी ने सोमवार को ट्वीट किया, '' सुरक्षा अद्यतन। सभी स्टेशनों पर प्रवेश एवं निकास द्वार खोल दिए गए हैं। सभी स्टेशनों पर सामान्य सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।''

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए 50 छात्रों को रिहा कर दिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 50 छात्रों में से 35 कालकाजी पुलिस थाने और 15 न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस थाने से रिहा किए गए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक एएमयू में रविवार देर शाम सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय के बाब-ए-सर सय्यद गेट पर एकत्र हुए और सुरक्षा के लिए लगाया गया गेट तोड़ डाला। झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक परमिंदर सिंह को भी चोट लगने की खबर है। साथी छात्रों के जख्मी होने की खबर मिलने पर सैकड़ों छात्र नेहरू मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर पहुंच गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर निसार अहमद ने बताया कि करीब 60 छात्रों को चोटें आई हैं।

नागरिकता (संशोधन) कानून के विरोध में रविवार को दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप और उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में हिंसक प्रदर्शन हुए, जबकि पश्चिम बंगाल में भी अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। जामिया के पास हुई झड़प में करीब 60 लोगों के घायल होने, जबकि एएमयू में हुई झड़प में भी लगभग इतनी ही संख्या में छात्रों के घायल होने की खबर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन सबके के लिए ''कांग्रेस और उसके मित्रों'' को जिम्मेदार ठहराया है। असम में स्थिति में सुधार के कारण गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में कर्फ्यू में कई घंटे की ढील दी गई लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहे। इस बीच, असम गण परिषद् (अगप) ने अपने मंत्रियों से इस्तीफा देने की अपील की है।

झड़प में छात्रों, पुलिसकर्मियों और दमकलकर्मी समेत करीब 60 लोग घायल हो गए। पुलिस ने हिंसक भीड़ को खदेडने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन उन पर गोलियां चलाने की बात से इनकार किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर पुलिस की कथित गोलीबारी, विश्वविद्यालय के बाथरूम में घायल छात्रों की वीडियो के साथ उनके खून निकलने की फुटेज चल रही है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने झड़पों के दौरान किसी के हताहत होने की खबरों से इनकार किया है।

Dailyhunt
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