Thursday, 16 Jul, 9.07 pm Lokmat News

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Rajasthan Political Crisis: BJP के सहयोगी ने वसुंधरा राजे पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- पूर्व सीएम दे रही हैं सरकार बचाने में अशोक गहलोत का साथ

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकत्रांतिक पार्टी (आरएलपी) के अध्यक्ष और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर बड़ा आरोप लगाया है। हनुमान बेनीवाल ने गुरुवार को दावा किया कि वसुंधरा राजे सरकार बचाने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का साथ दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम विधायकों को फोन कर अशोक गहलोत का साथ देने के लिए कह रही हैं।

हनुमान वेनीवाल ने ये आरोप ट्वीट करके वसुंधरा राजे पर लगाए हैं। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "पूर्व सीएम वसुंधरा राजे अशोक गहलोत की अल्पमत वाली सरकार को बचाने का पुरजोर प्रयास कर रही है। राजे द्वारा कांग्रेस के कई विधायकों को इस बारे में फोन भी किए गए!"

बेनीवाल ने राज्य में मुख्यमंत्री गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री राजे में 'गठजोड़' का आरोप भी अपने ट्वीट में लगाया है। उन्होंने लिखा, ''राजस्थान में मुख्यमंत्री गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री राजे का गठजोड़ जनता के सामने खुलकर आ गया है। दोनों ने मिलकर एक दूसरे के शासन में दोनों के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला है।''

हालांकि वसुंधरा राजे या भाजपा ने आधिकारिक तौर पर हनुमान बेनीवाल के बयान पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।

हनुमान बेनीवाल ने कहा पुख्ता सबूत है मेरे पास

अपने दूसरे ट्वीट में हनुमान बेनीवाल ने कहा कि इस बात का पुख्ता सबूत उनके पास है। उन्होंने ट्वीट में कहा, "पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने राजस्थान कांग्रेस में उनके करीबी विधायकों से दूरभाष पर बात करके उन्हें अशोक गहलोत का साथ देने की बात कही। सीकर और नागौर जिले के एक एक जाट विधायकों को राजे ने खुद इस मामले में बात करके सचिन पायलट से दूरी बनाने को कहा, जिसके पुख्ता प्रमाण हमारे पास है!"

राजस्थान हाई कोर्ट ने सुनवाई टाली

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच राजस्थान हाई कोर्ट ने गुरुवार को बागी सचिन पायलट गुट के विधायकों पर अयोग्य ठहराए गए नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी। पायलट खेमे ने राजस्थान विधानसभा से असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य ठहराने के कदम को चुनौती देने के लिए दायर अपनी याचिका में संशोधन के लिए समय मांगा है। विधायकों के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता संविधान की दसवीं अनुसूची में निहित दल-बदल विरोधी कानून को चुनौती देंगे।

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