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भारत-फ्रांस खेल उद्योग साझेदारी मजबूत करने की पहल,पेरिस पहुंचा फिक्की प्रतिनिधिमंडल

भारत-फ्रांस खेल उद्योग साझेदारी मजबूत करने की पहल,पेरिस पहुंचा फिक्की प्रतिनिधिमंडल

पेरिस, 06 जुलाई (वेब वार्ता)। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की खेल समिति का 20 से अधिक सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल हाल ही में फ्रांस के पेरिस और मार्सेय के दौरे पर पहुंचा।

इस दौरे का उद्देश्य खेल कारोबार, खेल प्रशासन, खेल अवसंरचना और ओलंपिक विरासत से जुड़े सफल मॉडलों का अध्ययन कर भारत में खेलों के विकास के लिए उपयोगी अनुभव जुटाना था। इस प्रतिनिधिमंडल का आयोजन बिजनेस फ्रांस के सहयोग से किया गया।

फिक्की की सोमवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने मार्सेय के ऐतिहासिक वेलोड्रोम फुटबॉल स्टेडियम का दौरा किया, जहां खेल अवसंरचना के बेहतर उपयोग और उसके दीर्घकालिक संचालन की जानकारी दी गई।

वर्ष 1937 में स्थापित इस स्टेडियम का उपयोग फुटबॉल मुकाबलों के साथ-साथ खेल सत्र समाप्त होने के बाद संगीत कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी किया जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने दर्शकों को पूरे दिन बेहतर अनुभव देने और डिजिटल माध्यमों से जोड़ने की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया।

मार्सेय स्थित भारत के महावाणिज्य दूत ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए उन्हें वर्ष 2030 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों की तैयारियों से जुड़े स्थानीय उद्योगों और संस्थाओं से परिचित कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने पेरिस ओलंपिक 2024 की नौकायन प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल तथा मार्सेय के प्रसिद्ध तैराकी केंद्र का भी दौरा किया। यहां विशेषज्ञों से यह समझने का अवसर मिला कि ओलंपिक के लिए तैयार की गई खेल सुविधाओं का प्रतियोगिताओं के बाद भी व्यावसायिक और जनहित में प्रभावी उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

पेरिस में प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर आयोजित सम्मेलन में भाग लिया। बिजनेस फ्रांस की प्रमुख अधिकारी सिंथिया रेगुल्स्की ने कहा कि फ्रांस के लिए यह सम्मान की बात है कि वह पेरिस ओलंपिक 2024 से प्राप्त अनुभव और विरासत को अन्य देशों के साथ साझा कर रहा है।

सम्मेलन में भारत के लिए उपलब्ध अवसरों पर आयोजित विशेष सत्र की अध्यक्षता फिक्की खेल समिति के सह-अध्यक्ष एवं अदाणी स्पोर्ट्स लाइन के मुख्य व्यवसाय अधिकारी संजय अडेसरा ने की।

उन्होंने कहा कि भारत खेल महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करना चाहता है। ऐसे में फ्रांस के अनुभव भारत के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी।

स्पोर्ट्स इंटरएक्टिव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ रमन ने कहा कि पेरिस ओलंपिक ने यह दिखाया कि किसी शहर की संस्कृति, विरासत और खेलों को एक साथ जोड़कर विश्वस्तरीय आयोजन कैसे किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की स्मृतियां वर्षों तक लोगों के मन में बनी रहती हैं और यही उनकी सबसे बड़ी सफलता होती है।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेरिस नगर निगम, स्टेड द फ्रांस, राष्ट्रीय खेल संस्थान (आईएनएसईपी) तथा खेल उद्योग से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ भी विचार-विमर्श किया।

फिक्की खेल समिति ने इस दौरे से प्राप्त अनुभवों के आधार पर 'फ्रांस की ओलंपिक विरासत : भारत के लिए प्रमुख सीख' विषय पर एक श्वेत पत्र तैयार करने का निर्णय लिया है।

इसे सरकार और खेल उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि भारत में खेल अवसंरचना, खेल प्रबंधन और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

फिक्की खेल समिति ने यह भी घोषणा की कि नवंबर 2026 में अपने वार्षिक खेल सम्मेलन के दौरान वह बिजनेस फ्रांस के सहयोग से फ्रांस के खेल प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा का भी आयोजन करेगी।

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