सूरत में आयोजित 'डॉक्टरप्रेन्योर 2026' सम्मेलन को अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई। गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए 300 से अधिक डॉक्टर प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
पूरे छह घंटे तक सभागार खचाखच भरा रहा और प्रतिनिधियों ने अत्यंत रुचि के साथ सभी सत्रों में सक्रिय भागीदारी की।
सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ डॉ. परवीन भाटिया, डॉ. आदर्श चौधरी, डॉ. रॉय पाटनकर, डॉ. शैलेश पुंटाम्बेकर, डॉ. राज नागरकर, डॉ. भीखुभाई पटेल, श्री राजेश यादव तथा ऑनलाइन वक्ता के रूप में डॉ. प्रवीण राज ने अपने वर्षों के अनुभव के आधार पर डॉक्टरों के सफल उद्यमी बनने की दिशा में आने वाली चुनौतियों, जोखिमों, अवसरों तथा उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने ऐसे वास्तविक अनुभव और केस-आधारित मार्गदर्शन साझा किए, जो सामान्यतः पुस्तकों में उपलब्ध नहीं होते।
सम्मेलन के चेयरमैन डॉ. एम. एम. कुरेशी ने कहा कि, "लगातार छह घंटे तक सभागार में लगभग शत-प्रतिशत उपस्थिति और प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी यह सिद्ध करती है कि डॉक्टरों के लिए उद्यमिता का विषय आज आधुनिक चिकित्सा तकनीक जितना ही आवश्यक हो गया है। सम्मेलन के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से इसी प्रकार के और कार्यक्रम आयोजित करने की मांग उठी है, जो इस विषय की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाती है।"
उन्होंने कहा कि आज कॉर्पोरेट स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक स्थानों पर लाभ को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि जब डॉक्टर स्वयं उद्यमी बनता है तो उसका प्रमुख उद्देश्य रोगियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना होता है, केवल लाभ अर्जित करना नहीं। यही संदेश इस सम्मेलन का मूल उद्देश्य था।
इस सम्मेलन को सफल बनाने में डॉ. केयूर भट्ट, डॉ. विक्रम लोटवाला, डॉ. केयूर याज्ञिक, डॉ. तेजस पटेल, डॉ. धवल मांगुकिया, डॉ. मनीष मेहता, डॉ. रामरक्ष पाल, डॉ. धर्मेश धनानी और डॉ. जय चौकशी सहित पूरी आयोजन समिति तथा कार्यकारिणी समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. केयूर भट्ट ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. विक्रम लोटवाला ने किया।
अंत में डॉ. कुरेशी ने आशा व्यक्त की कि 'डॉक्टरप्रेन्योर' जैसी पहल देश के सभी राज्यों में आयोजित हो, ताकि अधिक से अधिक डॉक्टर सफल उद्यमी बनकर रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकें।

