गुरुग्राम, 01 सितंबर (वेब वार्ता)। एपल कस्टमर सर्विस के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का गुरुग्राम साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पालम विहार से 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
आरोपित अमेरिकी नागरिकों को फोन में वायरस और तकनीकी खराबी का डर दिखाते थे और फिर उसे सही करने के नाम पर डॉलर और रिवार्ड प्वाइंट लेकर ठगी करते थे।
एसीपी साइबर क्राइम गौरव फौगाट ने बताया कि पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम को सूचना मिली थी कि पालम विहार के जे ब्लॉक के प्लॉट नंबर 1208 में बिना अनुमति फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। यहां से अमेरिका के नागरिकों को एपल कस्टमर सर्विस के नाम पर गुमराह कर ठगी की जा रही है।
सूचना पर पुलिस ने मंगलवार दोपहर मौके पर छापा मारा। छापे के दौरान 11 युवक लैपटॉप, हेडफोन, माइक और मोबाइल फोन के माध्यम से एक्स लाइट डायलर और एपल फेसटाइम पर अंग्रेजी में विदेशी नागरिकों से बात करते मिले।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दिल्ली के सुभाष नगर निवासी प्रितपाल सिंह, नई दिल्ली के सदर बाजार के हाथी खाना नूरगंज निवासी मोहम्मद रिजान अंसारी, मध्य दिल्ली के लड्डू घाटी निवासी चैतन्य गोयल, ओडिशा के भद्रक जिले के वासुदेवपुर गांव निवासी और वर्तमान में झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के नेहरू पार्क निवासी मनीष, नई दिल्ली के सदर बाजार के हाथी खाना नूरगंज निवासी शाहरुख अंसारी के रूप में हुई।
वहीं अन्य आरोपियों में दिल्ली के आजादपुर के केवल पार्क निवासी संजीव पाण्डे, दिल्ली के वजीराबाद के कालीघाट निवासी शिवम, दिल्ली के उत्तम नगर के सेवा पार्क निवासी आदित्य, उत्तम नगर के मोहन गार्डन निवासी दीपक त्रिवेदी, उत्तम नगर के रामा पार्क निवासी वरुण गौतम तथा रोहतक जिले के कृष्णा कॉलोनी रामलीला पड़ाव निवासी नीरज के रूप में हुई है।
कॉल सेंटर का लीडर था प्रीतपाल सिंह
पूछताछ में पता चला कि प्रीतपाल सिंह इस कॉल सेंटर का टीम लीडर था। आरोपित पिछले दो से तीन महीनों से मकान किराए पर लेकर कॉल सेंटर चला रहे थे। प्रत्येक कॉलर को कमीशन के आधार पर रखा गया था। कॉल सेंटर का संचालन एक अन्य व्यक्ति कर रहा था। आरोपित एपल कस्टमर सर्विस के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को फोन में वायरस आने और तकनीकी खराबी का झांसा देकर उन्हें फर्जी टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के लिए कहते थे।
खुद को एपल कंपनी का कर्मचारी बताकर समस्या ठीक करने के नाम पर दस हजार से बीस हजार अमेरिकी डॉलर तक की ठगी करते थे। ठगी की रकम विदेशी बैंक खाते में मंगवाते थे और गिफ्ट वाउचर के नंबर भी ले लेते थे। पुलिस ने आरोपितों के पास से नौ लैपटॉप, बीस मोबाइल फोन, दो हेडफोन माइक, दो कार, एक बाइक और एक स्कूटी बरामद की है।

