Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
राजकोट रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था से बढ़ी चिंता

राजकोट रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था से बढ़ी चिंता

राजकोट रेलवे स्टेशन पर द्वारका जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ के बीच अव्यवस्था और अफरा-तफरी के चिंताजनक दृश्य सामने आए हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई यात्री अपने मासूम बच्चों को ट्रेन की खिड़कियों से अंदर धकेलने को मजबूर दिखाई दिए।

स्टेशन पर धक्का-मुक्की और चीख-पुकार के बीच यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा कि स्टेशन पर भीड़ सामान्य थी और ट्रेन भी खाली थी, लेकिन यात्रियों ने सीट पाने की जल्दबाजी में दरवाजे खुलने से पहले ही बच्चों को खिड़कियों से अंदर बैठाना शुरू कर दिया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

दरअसल, पुरुषोत्तम मास के चलते द्वारका जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसके बावजूद अतिरिक्त ट्रेनों और जनरल कोचों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर DRM कार्यालय से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने और मौजूदा ट्रेनों में जनरल डिब्बे बढ़ाने की मांग भी की गई, लेकिन अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड के स्तर पर निर्णय होने की बात कहकर सीमित अधिकारों का हवाला दिया।

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में वेस्टर्न रेलवे के राजकोट डिवीजन ने रिकॉर्ड 2711 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है, लेकिन सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर रेलवे की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। यात्रियों का कहना है कि हालात को देखते हुए राजकोट स्टेशन पर भी सूरत के उधना रेलवे स्टेशन जैसी स्थिति कभी भी बन सकती है।

उल्लेखनीय है कि गत अप्रैल में उधना रेलवे स्टेशन पर अपर्याप्त ट्रेनों और भारी भीड़ के कारण गंभीर अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने उससे कोई ठोस सबक नहीं लिया है। अब शनिवार और रविवार की छुट्टियों के चलते स्टेशन पर यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यदि समय रहते अतिरिक्त कोच, सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

एक सीट पर तीन यात्रियों का दबाव

राजकोट रेलवे डिवीजन से हर साल करीब 1.30 करोड़ यात्री सफर करते हैं, यानी प्रतिदिन औसतन 35,600 से अधिक यात्री रेलवे सेवाओं का उपयोग करते हैं। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यह संख्या 50 हजार के पार पहुंच जाती है। खासतौर पर ओखा-गोरखपुर और पोरबंदर-मुजफ्फरपुर जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में क्षमता से तीन गुना अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। 100 यात्रियों की क्षमता वाले डिब्बों में 300 से ज्यादा यात्रियों की मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि एक सीट के लिए तीन-तीन यात्रियों के बीच संघर्ष की स्थिति बन रही है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Loktej