Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सूरत : 11 जुलाई को सूरत की सभी अदालतों में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत

सूरत : 11 जुलाई को सूरत की सभी अदालतों में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत

सूरत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सूरत द्वारा 11 जुलाई 2026 को जिले की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणी के लंबित मामलों का आपसी सहमति के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया जाएगा।

प्राधिकरण ने पक्षकारों और उनके अधिवक्ताओं से अपील की है कि जिन मामलों का समझौते के माध्यम से निपटारा संभव है, वे संबंधित अदालत से संपर्क कर लोक अदालत का लाभ उठाएं।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरत के अध्यक्ष राहुल त्रिवेदी की अध्यक्षता में इस नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डी.आर. जोशी ने बताया कि जिला न्यायालय में लोक अदालत की तैयारियों को पक्षकारों और अधिवक्ताओं का अच्छा सहयोग मिल रहा है।

अनुभवी अधिवक्ताओं की मौजूदगी में छोटी राशि के चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना मुआवजा (MACP), सिविल, वैवाहिक, डीजीवीसीएल के बिजली बिल बकाया सहित कई मामलों में समझौते की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी भी पक्ष पर समझौते का दबाव नहीं डाला जाता और सभी मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की सहमति एवं संतुष्टि के आधार पर किया जाता है।

सूरत जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट उदय पटेल तथा सूरत सिटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नीलकंठभाई बारोट ने अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि इससे पक्षकारों का समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है तथा उन्हें शीघ्र न्याय मिलता है।

गुजरात बार काउंसिल की सदस्य एडवोकेट प्रीति जोशी ने कहा कि वैवाहिक विवाद केवल कानूनी मामले नहीं, बल्कि परिवार और रिश्तों से जुड़े संवेदनशील विषय होते हैं। ऐसे मामलों का लोक अदालत में सौहार्दपूर्ण समाधान परिवारों को दोबारा जोड़ने और रिश्तों में विश्वास कायम करने में मददगार साबित होता है।

मोटर दुर्घटना दावा मामलों (MACP) के अधिवक्ता प्रतीक जोशी और एडवोकेट नीता त्रिवेदी ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से कम समय में मुआवजा प्राप्त किया जा सकता है तथा कोर्ट फीस और स्टाम्प शुल्क वापसी जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिलता है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में निम्न प्रकार के मामलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा:

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस मामले
मोटर दुर्घटना दावा (MACP) मामले
धन वसूली संबंधी विवाद
श्रम विवाद
बिजली एवं पानी के बिल संबंधी मामले (गैर-समझौतायोग्य मामलों को छोड़कर)
भूमि अधिग्रहण संदर्भ मामले
वैवाहिक विवाद (तलाक संबंधी मामलों को छोड़कर)
सेवा, वेतन, भत्ते एवं सेवानिवृत्ति लाभ संबंधी मामले
राजस्व संबंधी मामले
किराया, निषेधाज्ञा, ईजमेंट एवं अन्य सिविल विवाद

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी पात्र पक्षकारों और उनके अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे 11 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर आपसी सहमति से अपने मामलों का त्वरित एवं स्थायी समाधान प्राप्त करें।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Loktej