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सूरत : चीन से आने वाले प्रतिबंधित प्लास्टिक की सप्लाई चेन तोड़ने की तैयारी, कस्टम-पोर्ट अथॉरिटी के साथ निगम करेगा कार्रवाई

सूरत : चीन से आने वाले प्रतिबंधित प्लास्टिक की सप्लाई चेन तोड़ने की तैयारी, कस्टम-पोर्ट अथॉरिटी के साथ निगम करेगा कार्रवाई

सूरत। शहर में हॉट फिक्स प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या के बीच अब सूरत नगर निगम ने इसके स्रोत तक पहुंचने की कवायद शुरू कर दी है।

शहर में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित प्लास्टिक के पीछे विदेशी आयात से लेकर स्थानीय स्तर पर होने वाली सप्लाई तक की कड़ी की जांच की जा रही है।

नगर निगम प्रशासन ने इस संबंध में कस्टम विभाग और पोर्ट अथॉरिटी के साथ समन्वय कर कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है।

प्रशासन का मानना है कि केवल शहर में प्लास्टिक कचरा पैदा करने वाली इकाइयों या स्थानीय उपयोगकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

इसलिए प्लास्टिक के शहर में पहुंचने से लेकर उसके इस्तेमाल और बाद में निकलने वाले कचरे तक पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखने की योजना बनाई गई है।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र किए गए प्रतिबंधित प्लास्टिक कचरे की जांच के दौरान 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक की मात्रा सामने आने की जानकारी मिली है। इसके बाद नगर निगम ने इस प्लास्टिक के स्रोत और शहर में इसकी आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की जांच पर ध्यान केंद्रित किया है।

वराछा, सरथाणा, कपोद्रा, पुणे और सीमाडा समेत टेक्सटाइल और डायमंड से जुड़े इलाकों में हॉट फिक्स की होम इंडस्ट्री का विस्तार हुआ है। इन इकाइयों में कपड़े पर डिजाइन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए प्लास्टिक आधारित सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। प्रक्रिया के बाद बड़ी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट निकलने की समस्या सामने आ रही है।

प्रशासन की जांच में यह पहलू भी शामिल है कि विदेशों, विशेषकर चीन से आयात होने वाली सामग्री पोर्ट के रास्ते सूरत पहुंचने के बाद किस तरह स्थानीय व्यापारियों और अन्य माध्यमों के जरिए होम इंडस्ट्री तक पहुंचती है।

कपड़े पर डिजाइन आदि के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री के प्रसंस्करण के बाद बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा निकलता है। इसके उचित संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने पर यह कचरा खुले में डंप किए जाने की समस्या को बढ़ा सकता है।

नगर निगम प्रशासन अब कस्टम विभाग और पोर्ट अथॉरिटी के साथ समन्वय कर आयातित सामान, कस्टम क्लीयरेंस और सूरत तक पहुंचने वाली सप्लाई लिंक की जानकारी जुटाने की दिशा में काम कर रहा है।

प्रशासन का प्रयास है कि यदि प्रतिबंधित या नियमों का उल्लंघन करने वाला प्लास्टिक शहर में आ रहा है तो उसे शुरुआती स्तर पर ही रोका जाए। इसके लिए पोर्ट पर आने वाले सामान से लेकर उसके शहर में वितरण तक की कड़ी की जांच की जा रही है।

हॉट फिक्स प्लास्टिक कचरे की समस्या को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि शहर में पहले से मौजूद कचरे का निस्तारण करने के साथ-साथ नए प्रतिबंधित प्लास्टिक की आवक को भी नियंत्रित किया जाए। इसी वजह से नगर निगम स्थानीय इकाइयों पर कार्रवाई के साथ-साथ प्लास्टिक की सप्लाई के मूल स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

नगर निगम, कस्टम विभाग और पोर्ट अथॉरिटी के बीच समन्वित कार्रवाई के जरिए प्रतिबंधित प्लास्टिक की संभावित सप्लाई चेन को चिन्हित कर उसे रोकने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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