सूरत। सूरत एयरपोर्ट की डोमेस्टिक एयर कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जून के मुकाबले जुलाई 2026 में एयरपोर्ट से डोमेस्टिक यात्रियों की संख्या में 20 हजार से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
वहीं, एक समय सूरत एयरपोर्ट से संचालित होने वाली डोमेस्टिक फ्लाइट्स की संख्या 26 तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर करीब 11 से 13 के बीच रह गई है। फ्लाइट्स के विकल्प सीमित होने से यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स या दूसरे एयरपोर्ट का सहारा लेने की स्थिति बन रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में सूरत एयरपोर्ट पर कुल 1,31,416 डोमेस्टिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई थी। जुलाई में यह संख्या घटकर 1,10,952 रह गई। यानी एक महीने में डोमेस्टिक यात्रियों की संख्या में 20,464 की कमी आई है।
यात्रियों की संख्या में आई इस गिरावट के बीच एयर कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। सूरत देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक शहरों में शामिल है, ऐसे में कारोबारियों और आम यात्रियों के लिए पर्याप्त सीधी हवाई सेवाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
सूरत एयरपोर्ट पर कुछ समय पहले तक डोमेस्टिक फ्लाइट्स की संख्या 26 तक पहुंच गई थी। हालांकि, मौजूदा समय में यह संख्या घटकर करीब 11 से 13 फ्लाइट्स रह गई है। फ्लाइट्स के विकल्प कम होने का सीधा असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ रहा है।
सीधी उड़ानों की संख्या कम होने से यात्रियों को कई बार दूसरे शहरों के एयरपोर्ट से यात्रा करने या कनेक्टिंग फ्लाइट लेने का विकल्प चुनना पड़ सकता है। इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ने की संभावना रहती है।
सूरत की एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केंद्र स्तर पर भी लगातार मांग उठती रही है। सूरत को देश के प्रमुख शहरों के साथ ज्यादा सीधी उड़ानों से जोड़ने को लेकर लोकसभा में भी रिप्रेजेंटेशन और मांगें रखी गई हैं।
इसके बावजूद नई डोमेस्टिक फ्लाइट्स शुरू होने की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रहने से एयर कनेक्टिविटी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
सूरत का टेक्सटाइल, डायमंड, व्यापार और उद्योग क्षेत्र देश के विभिन्न शहरों से व्यापक रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पर्याप्त घरेलू हवाई सेवाओं को व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी अहम माना जाता है।
अब यात्रियों की संख्या में कमी और डोमेस्टिक फ्लाइट्स की घटती संख्या के बीच यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि सूरत एयरपोर्ट से नई सीधी उड़ानें कब शुरू होंगी और एयर कनेक्टिविटी को पहले के स्तर तक पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

