सूरत। शहर में हॉट फिक्स के बढ़ते चलन के साथ इससे निकलने वाले प्लास्टिक वेस्ट की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से हॉट फिक्स यूनिट संचालकों को वेस्ट के उचित निपटान को लेकर नगर निगम की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया था।
बड़ी संख्या में यूनिट संचालकों ने नगर निगम की मेयर माया मावाणी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं।
व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद मेयर माया मावाणी ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का उद्देश्य किसी का कारोबार बंद करना नहीं है, बल्कि ऐसा व्यावहारिक समाधान निकालना है जिससे शहर की स्वच्छता के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और यूनिट संचालकों के रोजगार पर भी असर न पड़े।
मेयर ने कहा कि समय और फैशन में बदलाव के साथ शहर में कचरे की प्रकृति भी बदल रही है। पहले सूरत में कपड़े के चिथड़ों के निपटान की समस्या प्रमुख थी, लेकिन अब टेक्सटाइल इंडस्ट्री में हॉट फिक्स का चलन बढ़ने से बड़ी मात्रा में विशेष प्रकार का प्लास्टिक वेस्ट निकल रहा है।
पहले इस तरह का प्लास्टिक अन्य कचरे के साथ कॉन्ट्रैक्टर द्वारा उठा लिया जाता था। लेकिन अब इसकी मात्रा काफी बढ़ गई है। साथ ही यह प्लास्टिक सामान्य प्लास्टिक की तरह आसानी से रिसाइकिल भी नहीं होता। इसके कारण कॉन्ट्रैक्टर इसे उठाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और इसके परिवहन का खर्च भी बढ़ रहा है।
नगर निगम की ओर से फिलहाल हॉट फिक्स वेस्ट के निपटान के लिए सानिया हेमाद में एक अलग प्लॉट उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही स्थायी समाधान की दिशा में एक विशेष मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है।
इस मशीन की मदद से हॉट फिक्स वेस्ट को एकत्र कर बड़े-बड़े गुच्छों के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे वेस्ट की मात्रा को व्यवस्थित करने के साथ-साथ उसके परिवहन में लगने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा। जहां संभव होगा, वहां इस सामग्री के उपयोग की संभावनाएं भी तलाश की जाएंगी।
हॉट फिक्स वेस्ट की समस्या के साथ नगर निगम अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि शहर में इस्तेमाल हो रहा संबंधित प्लास्टिक कहां से आ रहा है। समस्या की जड़ तक पहुंचने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने कस्टम विभाग के साथ भी समन्वय शुरू किया है।
नगर निगम का प्रयास है कि यदि हॉट फिक्स में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक प्रतिबंधित श्रेणी में आता है, तो उसकी शहर में आवक को ही रोका जाए। इसके लिए प्लास्टिक के स्रोत, इंपोर्ट और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाकर संबंधित विभागों के साथ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि हॉट फिक्स वेस्ट की समस्या का समाधान केवल नोटिस और कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। प्रशासन की कोशिश है कि ऐसा स्थायी और व्यावहारिक सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे एक ओर शहर में प्लास्टिक कचरे का बिखराव और प्रदूषण रोका जा सके, वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र से जुड़े छोटे व्यापारियों और कारीगरों की रोजी-रोटी भी प्रभावित न हो।
इस दिशा में प्लॉट, मशीन और बैन प्लास्टिक की आवक रोकने के लिए कस्टम विभाग के साथ समन्वय-इन तीनों स्तरों पर कार्रवाई शुरू की गई है।

