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सूरत : लिग्नाइट संकट पर उद्योग जगत की जीएमडीसी से अहम बैठक

सूरत : लिग्नाइट संकट पर उद्योग जगत की जीएमडीसी से अहम बैठक

सूरत। दक्षिण गुजरात में लिग्नाइट की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी को लेकर शुक्रवार को सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) तथा साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) ने गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (जीएमडीसी) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में उद्योगपतियों ने मई, जून और जुलाई-2026 के दौरान लिग्नाइट की कीमतों में हुई असामान्य वृद्धि, आवंटित कोटे के अनुरूप आपूर्ति न मिलने तथा परिवहन लागत बढ़ने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

सरसाना स्थित चैंबर भवन में आयोजित बैठक में जीएमडीसी के जनरल मैनेजर (सेल्स एंड मार्केटिंग-कोल) नीरज पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य दक्षिण गुजरात के प्रोसेसिंग हाउस और विभिन्न विनिर्माण इकाइयों को लिग्नाइट आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान तलाशना था।

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने जीएमडीसी के समक्ष चार प्रमुख मुद्दे रखे-

मई, जून और जुलाई 2026 के दौरान लिग्नाइट की कीमतों में की गई भारी वृद्धि वापस ली जाए।
आवंटित कोटे के अनुरूप समय पर पर्याप्त मात्रा में लिग्नाइट उपलब्ध कराया जाए।
ताड़केश्वर खदान के बजाय भावनगर से आपूर्ति होने के कारण बढ़ी परिवहन लागत को कम करने के उपाय किए जाएं।
खुले बाजार में कृत्रिम कमी और अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

एसजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बैठक की शुरुआत में जीएमडीसी अधिकारियों से उद्योग जगत की व्यावहारिक मांगों पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक और आर्थिक चुनौतियों के दौर में जिस प्रकार केंद्र सरकार ने उद्योगों को विभिन्न राहत योजनाओं के माध्यम से सहयोग दिया, उसी प्रकार राज्य सरकार के उपक्रम के रूप में जीएमडीसी को भी उद्योगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।

उद्योगपतियों ने कहा कि वर्तमान पश्चिम एशिया संकट के बीच उत्पादन लागत पहले ही बढ़ चुकी है, ऐसे में लिग्नाइट की कीमतों में लगातार वृद्धि से उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

जीएमडीसी अधिकारियों ने उद्योगपतियों की चिंताओं का जवाब देते हुए बताया कि औद्योगिक डीज़ल की कीमतों में वृद्धि और ताड़केश्वर खदान क्षेत्र में शुरुआती मानसूनी बारिश के कारण खदानों में पानी भर गया है। इससे उत्पादन और परिवहन दोनों प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण लागत में वृद्धि हुई और स्थानीय आपूर्ति बाधित हुई।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दक्षिण गुजरात के उद्योगों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक होने पर राज्य एवं केंद्र सरकार के स्तर पर भी उचित प्रस्तुतीकरण कर मूल्य और आपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में एसजीटीपीए के अध्यक्ष जितेंद्रभाई वखारिया, उद्योगपति जे.पी. अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, एसजीसीसीआई के मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, प्रबंध समिति के सदस्य तथा एसजीटीपीए के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जीआईडीसी समिति के चेयरमैन मितुल मेहता ने किया, जबकि अंत में एसजीटीपीए के वरिष्ठ अधिकारी बिनय अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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