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सूरत : प्री-मानसून समीक्षा बैठक में अधिकारियों पर बरसे जनप्रतिनिधि, अधूरे कार्यों पर जताई नाराज़गी

सूरत : प्री-मानसून समीक्षा बैठक में अधिकारियों पर बरसे जनप्रतिनिधि, अधूरे कार्यों पर जताई नाराज़गी

सूरत। आगामी मानसून को लेकर सूरत महानगरपालिका में आयोजित प्री-मानसून समीक्षा बैठक में प्रशासनिक तैयारियों की धीमी रफ्तार पर जनप्रतिनिधियों ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया।

बैठक की अध्यक्षता महापौर मायाबेन मावाणी ने की, जबकि स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन राजन पटेल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अधूरे कार्यों और लापरवाही को लेकर आड़े हाथों लिया।

बैठक में विशेष रूप से शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों, जल निकासी व्यवस्था, वाटर हार्वेस्टिंग परियोजनाओं तथा मिंधोला नदी के मुहाने के पास स्थित जिंगा तालाबों को हटाने के कार्यों की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि डायमंड बर्स के पीछे मिंधोला नदी के मुहाने पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न करने वाले जिंगा तालाबों को हटाने का कार्य छह माह बाद भी मात्र 5 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।

जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री द्वारा छह महीने पहले तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। अधिकारियों से इस देरी का कारण भी पूछा गया।

बैठक में खाड़ी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के नेतृत्व में गठित समिति की निष्क्रियता का मुद्दा भी उठा। जानकारी के अनुसार समिति की प्रारंभिक बैठकों के बाद कोई ठोस गतिविधि नहीं हुई। इस संबंध में अगले सप्ताह जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के बीच विशेष बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।

स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन ने मानसून के दौरान संभावित भारी वर्षा को देखते हुए डी-वाटरिंग पंप सहित सभी आपातकालीन संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग बोर निर्माण की धीमी प्रगति पर भी चिंता व्यक्त की गई।

बैठक के दौरान सबसे अधिक नाराज़गी इस बात को लेकर देखने को मिली कि कई विभागों के अधिकारी आवश्यक आंकड़ों और अद्यतन जानकारी के बिना बैठक में उपस्थित हुए थे। इस पर राजन पटेल ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि समीक्षा बैठकों में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित होना आवश्यक है।

जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मानसून के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में डिप्टी मेयर, सत्तापक्ष के नेता, विभिन्न जोनों के अधिकारी तथा महानगरपालिका के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमुख बिंदु
जिंगा तालाब हटाने का कार्य केवल 5% पूरा।
मिंधोला नदी क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बरकरार।
अधिकांश जोनों में वाटर हार्वेस्टिंग कार्य की गति धीमी।
कई अधिकारी आवश्यक आंकड़ों के बिना बैठक में पहुंचे।
बाढ़ नियंत्रण समिति लंबे समय से निष्क्रिय।
कलेक्टर और नगर आयुक्त की विशेष बैठक अगले सप्ताह।
डी-वाटरिंग पंप सहित सभी मानसून तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश।
जलभराव की स्थिति बनने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Loktej