* सभी 26 उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटी में बंद * सभी पांच जिलों से भारी मतदान के समाचार
* दोपहर सवा चार के बाद भी बूथों के बाहर कतारें रही
* भाजपा महायुति के साथ ही मविआ के घटक दल लीडर्स रहे एक्टीव
* गुरुजी ने भी दिखाया उत्साह, पहले ही राउंड में विजय के दावे शुरु
अमरावती/दि.23 - पांच जिलों में फैले अमरावती संभाग शिक्षक मतदार संघ के विधान परिषद प्रतिनिधि चुनने के वास्ते आज हुए प्रतिष्ठापूर्ण एवं तगडी प्रतिस्पर्धा के चुनाव के लिए 75 से 80 प्रतिशत मतदान का अनुमान है. अपेक्षा के अनुसार गुरुजी ने मतदान में उत्साह से भाग लिया. सबेरे 8 बजे से ही लगभग सभी बूथों पर सर्वप्रथम वोट डालने के लिए अध्यापक वोटर पहुंच गए थे. समाचार लिखे जाने तक मतदान न केवल उत्साहपूर्ण बल्कि शांतिपूर्ण रहा. दोपहर सवा चार बजे के बाद भी बूथों के बाहर शिक्षकों की कतारें देखी गई. फिर वह अमरावती हो या अकोला अथवा बुलढाणा. जिससे वोटिंग प्रतिशत 80 के करीब रहने की संभावना जानकारों ने अमरावती मंडल से चर्चा में व्यक्त की.
इसके साथ ही 26 उम्मीदवारों का भाग्य मत पेटियों में बंद हो गया. उनमें किरण सरनाईक, संगीता शिंदे, अदिति पोहरे, दिलीप कडू, प्रशांत विघ्ने, श्रीकांत देशपांडे, अविनाश बोर्डे, शेखर भोयर का प्रमुखता से समावेश रहा. वोटिंग दौरान हलचलों की बात करें, तो बीजेपी के कई वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ता, पदाधिकारी यहां संगीता शिंदे के साथ दिखाई दिए. वहीं महायुति प्रत्याशी किरण सरनाईक के वास्ते भाजपा, शिंदे सेना, राष्ट्रवादी सभी घटक दलों ने अंतिम समय तक कोशिशे जारी रखी. शिवसेना उबाठा के स्थानीय लीडर्स अपने पार्टी प्रत्याशी प्रा. लहाने के फेवर में वोट डालने के लिए गुरुजी को प्रेरित करते रहे. अब तीन दिनों का इंतजार उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को रहेगा.
* दोपहर तक 22,394 ने डाले वोट
दोपहर 2 बजे तक प्राप्त आंकडों के अनुसार पांच जिले में 22,394 शिक्षक मतदाताओं ने वोट डाले थे. उनमें महिलाओं का प्रतिशत अधिक रहा. पुरुषों के 61.89 प्रतिशत की तुलना में 64 प्रतिशत महिलाओं ने वोटिंग की थी. सर्वाधिक वोटिंग अकोला और वाशिम में दर्ज की गई थी. जबकि यवतमाल में मात्र 60 प्रतिशत मतदान हो सका था. अमरावती में 6,370 वोटर्स ने मताधिकार का प्रयोग किया था. अकोला में 3,811, बुलढाणाा 5,680, वाशिम में 2,380, यवतमाल में 4,153 वोटर्स ने मतदान किया. जिससे स्पष्ट हो गया कि, दोपहर 4 बजे की समय-सीमा तक 28,600 से अधिक अर्थात 80 प्रतिशत वोटिंग होने की संभावना बताई जा रही थी. इसके साथ ही उम्मीदवारों के समर्थक गणित लगाने में जुट गए थे. अपने-अपने लीडर्स के विजय के दावे करने लगे थे.
* पसंदीक्रम महत्वपूर्ण
यह भी चर्चा मतदान केंद्रों पर सुनने मिली कि, बैलेट पेपर से हो रहे इस चुनाव में पसंद क्रम महत्वपूर्ण रहनेवाला है. अनेक उम्मीदवारों ने दूसरे क्रम के वोटों की भी गुहार लगाई थी. अब सभी का ध्यान आगामी मंगलवार 27 अक्तूबर को लोकशाही भवन में होने वाली काउंटिंग की तरफ लगा है. प्रक्रिया में लगने वाले समय के मद्देनजर कहा जा रहा है कि, नया शिक्षक विधायक का फैसला मंगलवार की देर शाम तक संभव होगा.
* महायुति एक्टीव, बूथों पर दिखी एकता
महायुति के उम्मीदवार एवं मौजूदा विधायक किरण सरनाईक के लिए अमरावती और अकोला में अमूमन सभी घटक दल भाजपा, शिंदे सेना, राष्ट्रवादी अजीत पवार, रिपा आठवले के लीडर्स, पदाधिकारी डटे थे. अमरावती में महायुति के बूथों पर सांसद डॉ. बोंडे, शिवसेना जिला प्रमुख संतोष बद्रे, श्याम देशमुख, पूर्व विधायक ज्ञानश्वर धाने पाटिल, राष्ट्रवादी शहर अध्यक्ष प्रशांत डवरे, सुनील राऊत, प्रशांत जाधव, अकोला में मंत्री आकाश फुंडकर, विधायक रणधीर सावरकर, गिरीश जोशी और सभी बीजेपी, शिंदे सेना लीडर्स ने किरण सरनाईक के लिए प्रयत्न जारी रखे थे.
* पोहरे के लिए कांग्रेस डटी
अमरावती सीट की कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे के फेवर में शहर के 10 और जिले के 25 केंद्रों पर वोटिंग के लिए कांग्रेस पदाधिकारी एक्टीव रहे. अमरावती में बूथ पर पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख, नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, शहर अध्यक्ष बबलू शेखावत, मिलिंद चिमोटे, किशोर बोरकर, जितेंद्र वाघ, दिलीपबाबू इंगोले सहित पदाधिकारी डटे थे.
* शिवसेना उबाठा ने दिखाई शक्ति
शिवसेना उबाठा प्रत्याशी प्रा. लहाने ने कांग्रेस की उम्मीदवार अदिति पोहरे के साथ इस चुनाव में मैत्रिपूर्ण लढत की. प्रा. लहाने के लिए अमरावती में शिवसेना उबाठा के उपनेता सुधीर सूर्यवंशी, जिला प्रमुख पराग गुडधे, जिला प्रमुख प्रदीप बाजड, सचिन पाटिल और युवा सेना, महिला आघाडी की पदाधिकारी डटी रहगी. शिवसेना उबाठा ने अपनी ताकत दर्शाने का प्रयत्न किया.
* इस प्रकार हुआ मतदान
जिला मतदान प्रतिशत
अमरावती 6370 63.09
अकोला 3811 64.14
बुलढाणा 5680 62.25
वाशिम 2380 64.06
यवतमाल 4153 59.91
* महायुति और कांग्रेस के बूथों पर भारी भीड
शिक्षक चुनाव में मतदान की समय-सीमा पूर्ण होने के समय देखा गया कि, महायुति और कांग्रेस के बूथों पर नेताओं, समर्थकों की भारी भीड रही. महायुति के उम्मीदवार किरण सरनाईक के वास्ते लीडर्स सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायक संजय खोडके और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. वहीं कांग्रेस के भी सभी नेताओं के साथ शिवाजी शिक्षा संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख, दिलीपबाबू इंगोले आदि डटे थे. कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे हर्षवर्धन देशमुख की सुपुत्री है. उधर विद्यापीठ सीनेट सदस्य प्रशांत विघे के साथ भी काफी प्रमाण में समर्थक दिखाई दे रहे थे.

